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आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी गठित

आवारा पशुओं के लिए बनेंगे चारागाह व गौ-अभ्यारण, गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने बनेंगे सीएनजी प्लांट
ग्वालियर – घूमने वाले आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए कलेक्टर -रूचिका चौहान की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में कई विभागों को शामिल किया गया है, जिससे आवारा पशुओं की अच्छी दुधारू नस्लें तैयार हो सकें। साथ ही गाय सडकों के स्थानों पर आश्रय स्थलों में रह सकें। इसके लिए गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर गैस प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे गौशालाओं को आर्थिक मदद मिल सके। इसके साथ ही धार्मिक सामाजिक संगठनों, कारपोरेटस एवं एनजीओ के माध्यम से आवारा पशुओं का पुनर्वास भी किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।
शहर की सडकों एवं हाइवे पर घूमने वाली आवारा गायों के कारण लगातार दुघर्टनाएं होती रहती हैं, जिसके कारण एक ओर जहां पशुओं की मौत हो जाती है, वहीं दूसरी ओर दुघर्टना में आमजन भी घायल हो जाते हैं। ऐसे में आवारा पशुओं से शहर एवं हाइवे को मुक्त कराने एवं आवारा पशुओं की समुचित देखभाल एवं भोजन आदि के प्रबंध का जिम्मा कमेटी में शामिल विभागों को सौंपा गया है।
यह विभाग होंगे कमेटी में शामिल
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में कलेक्टर रूचिका चौहान की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी में सदस्य के रूप में जिला पुलिस अधीक्षक, सदस्य सचिव मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, सदस्य आयुक्त नगर निगम, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, उप संचालक कृषि, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला खेल अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी रहेंगे। जबकि अनुविभागीय अधिकारी स्तर पर कमेटी के अध्यक्ष अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रहेंगे, जबकि अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सदस्य, तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद, अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, पशु चिकित्सा विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, नामंकित स्थानीय समाजसेवी एवं दानदाता रहेंगे।
इन विभागों को सौंपी यह जिम्मेदारी
पशुपालन एवं डेयरी विभाग – आवारा एवं पालतू पशुओं की निगरानी के लिए ईयर टैपिंग करेगा। विस्थापित पशुओं के लिए उपचार की व्यवस्था, अनियंत्रित पशु प्रजनन की रोकथाम के लिए नसबंदी एवं कत्रिम गर्भधारण के माध्यम से नस्ल सुधार कार्य करेगा। जबकि जिला पंचायत गौशालाओं में अतिरिक्त शेड तैयार कराएंगी एवं नवीन गौ अभ्यारणों की स्थापना करेगी। वहीं कृषि विभाग चारा प्रबंधन का कार्य संभालेगा, जिससे पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध हो सके। स्वास्थ्य विभाग दुघर्टना में घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंध विभाग विस्थापित मवेशियों के लिए चारागाह की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। चरनोई भूमि से अवैध कब्जे मुक्त कराएगा। वहीं सूचना एवं प्रौधोगिकी विभाग आवारा पशु एवं घटना जन्य क्षेत्रों का डेटा तैयार करेगा। वहीं वन विभाग वन क्षेत्रों में आवारा पशुओं के विचरण को नियंत्रित करेंगे।

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