आभार सभा से भितरवार विस क्षेत्र के दावेदारों की तस्वीर सामने आएगी
ग्वालियर. चीनौर करहिया रोड के निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार को करहिया में आभार सभा को संबोधित करेंगे। इस आभार सभा से भितरवार विधानसभा क्षेत्र से भाजपा से टिकट के दावेदारों की तस्वीर सामने आएगी। भितरवार सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी। तभी से लाखन सिंह यादव यहां से अजेय बने हुए हैं। इस बार भाजपा पूरी ताकत लगाकर इस सीट को कांग्रेस से छीनने का प्रयास करेगी। भाजपा से इस सीट पर कई प्रमुख दावेदार हैं। क्योंकि दो बार का सामना करने के बाद पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा का इस क्षेत्र से मोहभंग हो गया है। दावेदारों में पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, विवेक मिश्रा, कौशल शर्मा, रानी देवी, जवाहर सिंह रावत के नाम शामिल हैं। सिंधिया खेमे से मोहन सिंह राठौर भी टिकिट के लिये हाथ-पैर मार रहे हैं।
2008 से लाखन सिंह का कब्जा है इस सीट पर
भितरवार विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई है। इससे पहले इसे गिर्द विधानसभा के नाम से जाना जाता था। गिर्द विधानसभा में पूर्व मंत्री बालेंदु शुक्ला का दबदबा था। बालेंदु शुक्ला के तिलिस्म को लाखन सिंह तोड़ने में सफल रहे। यह क्षेत्र बसपा के प्रभाव वाला रहा है। 2008 में लाखन सिंह ने बृजेंद्र तिवारी को पराजित कर इस सीट पर कब्जा किया था। 2013 की आंधी में लाखन सिंह ने अनूप मिश्रा को हराया था। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी लाखन सिंह ने अनूप मिश्रा को हराकर इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा। 2023 के विधानसभा चुनाव भाजपा इस सीट को कांग्रेस से छीनने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। किंतु भाजपा में इस सीट से टिकट को लेकर मचे घमासान से लाखन सिंह एक बार फिर जीत को लेकर बेफिक्र नजर आ रहे हैं।

