अटल चंबल एक्सप्रेस वे- भूमि अधिग्रहण को लेकर 20 टीमें बनी 13 टीमें एक-एक गांव व 7 टीमों के सदस्यों को 2-2 गांव आवंटित किए
भिंड. अटल चंबल एक्सप्रेस-वे निर्माण को लेकर प्रशासनिक अफसरों को जमीन अधिग्रहण करना है। जमीन अधिग्रहण करने के लिए राजस्व अधिकारियों की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने अटल चंबल एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण करने के लिए टीमें गठित की और सभी को निर्देशित किए। कलेक्टर डॉ एस ने एसडीएम उदय सिंह सिकरवार को जमीन अधिग्रहण की रूपरेखा तैयार करते हुए कहा कि सबसे पहले 20 टीमे बनाई जाएं। इनमें से 13 टीमों को एक-एक गांव एवं 7 टीमो को दो-दो गांव आवंटित किए जाए। बैठक के दौरान जमीनों के सीमांकन हेतु पटवारियों की कमी होने का एक मुद्दा आया। यह सर्वे कार्य में पटवारियों की कमी अटेर क्षेत्र में होने की बात कही गई। इस पर सीधे तौर पर कहा गया कि अटेर क्षेत्र में पटवारी यदि कम पड़ते है तो भिण्ड क्षेत्र के पटवारियों को शामिल किया जाए। इस दौरान गांव के कोटवार को भी शामिल किया जाए। हर टीम में दो-दो पुलिस के जवान भी शामिल होंगे। बैठक के दौरान शासकीय भूमि व वन विभाग की भूमि को लेकर चर्चा की गई। वन विभाग के गार्डों काे पांच जगह के लिए शामिल किए जाने के लिए निर्देशित किया गया।
10 अक्टूबर से मैदान में उतरेंगी टीमें
जमीन अधिग्रहण को लेकर राजस्व विभाग की 20 अलग-अलग टीमें 10 अक्टूबर से मैदान में उतरेंगी। जिस टीम को जो गांव अर्लट किए गए है वे उस गांव के लिए रवाना हो जाएंगी। फील्ड में लगाई गई टीम में पटवारियों का दायित्व होगा कि वे मौके पर अटल एक्सप्रेस-वे के लिए चिन्हित सरकारी जमीन का कब्जा दिलाएं। उस वक्त एनएच के अधिकारी भी शामिल रहेंगे, उसी दिन 10 अक्टूबर को ही शाम को पटवारीगण कब्जा देने की रिपोर्ट भी सौपेंगे। गांव में आरआई एवं नायब तहसीलदार भी टीम के साथ उपस्थित रहेंगे।
जमीन का चिह्नित करेंगे पटवारी
बैठक में कलेक्टर डाॅ सतीश कुमार एस ने कहा कि अटल एक्सप्रेस-वे के लिए प्राइवेट जमीन की आवश्यकता है इसलिए पटवारी गांव में जाकर प्राइवेट जमीन जिस खातेदार की है एक-एक खातेवार प्रकरण बनाएंगे। खातेदार की जमीन से दोगुनी जमीन चिन्हित करेंगे, जो खातेदार को दी जा रही है दोनों ही जमीन की कीमत आंकेंगे। यह भी देखेंगे कि जो जमीन अटल एक्सप्रेस-वे में जा रही है सिचिंत है या असिंचित है। जो जमीन खातेदार को बदले में दी जाएगी वो सिंचित है या असिचिंत है अंकित कर प्रस्ताव बनाएंगे। उन्होंने निर्देशित किया कि पटवारियों के कार्यों की समीक्षा सप्ताहवार की जावेगी कि आपने कितने खातों की जमीन का सप्ताहभर में आंकलन किया और कितनी जमीन उनको देने के लिए चिन्हित की और उनकी क्या कीमत आंकी गई है।बैठक में अपर कलेक्टर प्रवीण फुलपगारे, एसडीएम भिण्ड-अटेर उदयसिंह सिकरवार सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई एवं पटवारीगण उपस्थित थे।

