अगले महीने MP बजट: वैट, जीएसटी, एक्साइज, रजिस्ट्री से सरकार 7000 करोड़ बढ़ाएगी टैक्स कलेक्शन
भोपाल. एक फरवरी को केंद्रीय बजट 2023-24 पेश होने वाला है। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। इसके बाद मध्यप्रदेश सरकार राज्य का बजट पेश करेगी। इसकी तारीख अभी तय होना बाकी है। हालांकि इस बजट से सरकार ने अपना सालाना टैक्स कलेक्शन बढ़ाने की तैयारी कर ली है। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक सरकार इस बजट से अपनी कमाई 7000 करोड़ रु. बढ़ाने जा रही है। लेकिन, इसका भार जनता के ऊपर नहीं पड़ेगा। सरकार खपत बढ़ाकर कमाई बढ़ाएगी। इसमें पेट्रोल-डीजल से ही लगभग 900 करोड़ तो एसजीएसटी से 4000 करोड़ रु. मिल सकते हैं। इस साल टैक्स कलेक्शन और अन्य संसाधनों से सरकार का 86 हजार 478 करोड़ कमाई का लक्ष्य है, जो नए वित्तीय वर्ष में सात हजार करोड़ बढ़ने वाला है।
पहली बार प्रोफेशनल टैक्स कलेक्शन 10 करोड़ घटाकर 340 करोड़ करेंगे
(आंकड़े करोड़ रुपए में। इसके अलावा अन्य विभागों से भी आता है पैसा, इनमें जलसंसाधन, परिवहन, पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग आदि शामिल हैं। इनके आंकड़े उपरोक्त टेबल में शामिल नहीं किए गए।)
वैट कलेक्शन 107 करोड़ बढ़ेगा तो एक्साइज में 337 करोड़ घटेगा
सूत्रों का कहना है कि एसजीएसटी में टारगेट 2000 करोड़ और वैट में 107 करोड़ रु. बढ़ेगा। एक्साइज में 337 करोड़ कम आएंगे। प्रोफेशनल टैक्स का अनुमान पहली बार घट सकता है। वर्ष 2021-22 में प्रोफेशनल टैक्स कलेक्शन 315 करोड़ था, जिसे 2022-23 में बढ़ाकर 350 करोड़ कर दिया गया था। अब ये 340 करोड़ रह जाएगा।
बजट उम्मीद- टैक्स स्लैब महंगाई के हिसाब से बदलें तो 12 लाख से ज्यादा आय वालों को मिल सकती है राहत
नई दिल्ली – नौकरीपेशा व्यक्ति की सबसे बड़ी फिक्र इनकम टैक्स है। जितना पैसा बचता है, टैक्स में चला जाता है। बैंक बाजार डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, 5 लाख से अधिक आय वाले टैक्स स्लैब आखिरी बार 2013-14 में बदले गए थे। इस बीच महंगाई सूचकांक 50.45% बढ़ चुका है। यानी 2013-14 में जो चीज 100 रुपए की थी, वह अब 150.45 रुपए की है। रिपोर्ट में महंगाई सूचकांक (सीआईआई) और इनकम टैक्स की तुलना कर बताया गया है कि 5 लाख रु. से अधिक कमाने वाले लोगों को अधिक टैक्स देना पड़ रहा है।
इसे 3 उदाहरणों से समझिए
5 लाख तक आय पर 2013-14 में 28,840 रु. टैक्स था। 2022-23 में शून्य है। महंगाई से जोड़ें तो 19,169 टैक्स बनता है।

