VISM कॉलेज में हुआ मोटिवेशनल सेमिनार का आयोजन
ग्वालियर. VISM ग्रुप ऑफ स्ट्डीज़ में 17 सितम्बर को एक मोटिवेशनल सेमिनार आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में BSNL उपमण्डल अभियंता एवं मास्टर ट्रेनर (मिशन कर्मयोगी) एसबीएस परमार उपस्थित रहें। सेमिनार ‘‘समूह में रहकर अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान’’ थीम पर आयोजित था। कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के पूजन से हुई। सर्वप्रथम संस्थान की चेयरपर्सन श्रीमती सरोज राठौर ने मुख्य अतिथि श्री परमार को पुष्प गुच्छ भेट किया।
मुख्य वक्ता एसबीएस परमार ने उपस्थित कर्मचारीगणों को बताया कि व्यक्ति के विकास के लिए तीन चीजें बहुत महत्व रखती है ज्ञान, हुनर एवं दृष्टिकोण यें 3 चीजें व्यक्ति के विकास में बहुत सहायक होंगी। उन्होंने बताया कि हम जिस संस्थान में कार्य करते है वहॉ हम एक संगठित होकर कार्य करें। एक कर्मचारी को दूसरे कर्मचारी में कमिया ढूढ़ने की अपेक्षा उसकी शक्ति पहचानकर उन शक्तियों को एक साथ जोडकर संस्थान को आगें बढ़ानें में लगाना चाहिए। समूह में अपना प्रभाव डालने के लिए यह बहुत आवश्यक है कि व्यक्ति अपने अन्दर सहनशीलता, विनयशीलता तथा भावनात्मक चातुर्य (इमोशनल इंटेलीजेंट) को मजबूत करें। भावनात्मक चातुर्य निरन्तर अभ्यास से विकसित की जा सकती है। इसके लिए हमें अधिक से अधिक अवसरो पर जिम्मेदारी लेने का कार्य करना होगा। मुख्य वक्ता ने कछुआ एवं खरगोश की कहानी को वर्तमान संदर्भ में बहुत रोचक तरीके से समझााते हुए व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा की बजाय पारस्परिक तालमेल के बारे में समझाया। कार्यक्रम में उपस्थ्ति संस्थान के चेयरमैन डॉ. सुनील राठौर ने बताया कि हर संस्थान को शिखर पर पहुचाने में कर्मचारियों का अहम रोल होता है। किसी भी कार्य करते समय एक सदस्य भी कम रह गया तो उस कार्य में उसकी कमी दिख जाती है। इसलिए एक कामयाव संस्थान में हर कर्मचारी की अहम भूमिका मानी जाती है। इस मौके पर संस्थान की चेयरपर्सन श्रीमती सरोज राठौर, ग्रुप निदेशक डॉ. प्रज्ञा सिंह, समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यगण सहित समस्त महाविद्यालय एवं हॉस्पिटल स्टॉफ मौजूद रहें।

