MP में पुलिस अधीक्षकों के कामकाज की होगी समीक्षा, सीएम को दी जाएगी रिपोर्ट
भोपाल. गंभीर और चिह्नित अपराधों में सजा का प्रतिशत कम होने से सरकार पुलिस अधीक्षकों के कामकाज से असंतुष्ट है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नाराजगी के बाद पिछले दिनों गृह विभाग ने समीक्षा करके विवेचना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करके 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पुलिस मुख्यालय ने तय किया है कि पुलिस अधीक्षकों के कामकाज की समीक्षा करके रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी जाएगी।
गृह विभाग ने दस फरवरी को पेटलावद, बालाघाट, रीवा सहित दस गंभीर और चिह्नित मामलों की समीक्षा की थी। इसमें सामने आया कि विवेचना में कई कमियां थीं, जिसका लाभ आरोपितों को मिला और न्यायालय से दोषमुक्त हो गए। ऐसे अन्य प्रकरणों में भी सामने आ रहा है। इसे देखते हुए पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी से कहा गया है कि वे गंभीर अपराधों की विवेचना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। मार्च 2022 में जहरीली शराब से हुए मौतों के मामलों की जांच को लेकर समीक्षा की जाएगी। इसके पहले मुख्यमंत्री माफिया के खिलाफ कार्रवाई और कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। इसमें भी गंभीर और चिह्नित अपराधों की जानकारी ली जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधीक्षकों के कामकाज की समीक्षा करने का निर्णय किया है। गंभीर और चिह्नित अपराधों में कार्रवाई के आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी।

