MP में कांग्रेस सरकार गिराने वाले विधायकों से बदले का प्लान
भोपाल. कमलनाथ ने मिशन 2023 को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। वैसे तो सभी 230 सीटों पर जीत की रणनीति को लेकर काम किया जा रहा है। लेकिन कमलनाथ का खास फोकस उन सीटों पर है। जहां 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, लेकिन वहां जीते विधायक सिंधिया के साथ बीजेपी में चले गए। कांग्रेस इन सीटों पर फिर से जीत दर्ज कर कांग्रेस सरकार गिराने वाले विधायकों को सबक सिखाने की रणनीति तैयार कर रही है। इसी के तहत कमलनाथ पूर्व CM उमा भारती के गढ़ बड़ामलहरा पहुंचे। जहां उन्होंने बीजेपी को जमकर कोसा और 2023 में जनता से बीजेपी सरकार को सबक सिखाने की अपील की।
बीजेपी ने सौदा कर साजिश से सरकार गिरा दी
कमलनाथ छतरपुर के बड़ा मलहरा में सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग से 2018 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी। लेकिन भाजपा ने सौदा कर साजिश के तहत कांग्रेस की सरकार गिरा दी थी। मैं भी सौदा कर सकता था। लेकिन मैं सौदे की राजनीति नहीं करना चाहता। कमलनाथ ने एक बार फिर ऐलान किया कि 2023 में कांग्रेस सरकार बनते ही किसानों का कर्जा माफ करेंगे। कमलनाथ ने बड़ामलहरा में मंड़लम्-सेक्टर और बूथ कमेटियों की बैठक भी ली।
बड़ामलहरा उमा भारती का गढ़ माना जाता है। 2003 में जब बीजेपी की 10 साल बाद सरकार बनी तब उमा बड़ामलहरा से ही विधायक बनीं थीं। यहीं से उमा के बड़े भाई स्वामी लोधी भी विधायक रह चुके हैं। उमा की कट्टर समर्थक रेखा यादव भी 2008 में उमा की पार्टी भारतीय जनशक्ति पार्टी से विधायक बनीं थीं। लोधी समाज बहुल बड़ामलहरा विधानसभा से साल 2018 में कांग्रेस के टिकट पर प्रद्युम्न सिंह लोधी चुनाव जीते थे हालांकि वे मप्र में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी में शामिल हो गए थे। आज यहीं से कमलनाथ ने कांग्रेस का साथ छोड़ने वाले विधायकों को अगले चुनाव में पटखनी देने का शंखनाद किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हुए 22 विधायकों के बाद से अब तक कुल 29 विधायक BJP जॉइन कर चुके हैं। कमलनाथ विशेषकर दलबदल कर धोखा देने वाले 26 विधायकों की सीटों को जीतने के लिए खास रणनीति बना रहे हैं।

