Masdhya pradesh की लुटेरी दुल्हनों का फर्जी भाई उज्जैन से गिरफ्तार, ग्वालियर, इन्दौर और उज्जैन के धनवान परिवार लड़के रहते थे टारगेट
ग्वालियर. MP की लुटेरी दुल्हनों के भाई को ग्वालियर पुलिस (Gwalior police) ने गिरफ्तार कर लिया है। यह फर्जी भाई उज्जैन से गिरफ्तार किया गया है। फर्जी भाई गैंग का मास्टर माइंड है। गिरोह के निशाने पर कारोबारी परिवार के लड़के रहते हैं। यह गिरोह सुन्दर युवतियों को अनाथ बताकर व्यापारी परिवार से रिश्ते की बात करते हैं। बहन बनाकर शादी कराते हैं और शादी के 15 से 20 दिन के बाद यह लुटेरी दुल्हन कैश और सोना लेकर भाग जाती थी। इस मामले में 2 लुटेरी दुल्हनें पहले से पकड़ी जा चुकी है। एक अभी भी फरार है। अप्रैल 2021 में दोनो लुटेरी दुल्हन ग्वालियर के बिलौआ में कपड़ा व्यापारी के 2 छोटे भाईयों से शादी करने के कुछ दिन बाद 15 लाख रूपये का सामान लेकर फरार हुई थी। यह गिरोह प्रदेश के इन्दौर, उज्जैन और ग्वालियर में घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
क्या है पूरा मामला
बिलौआ निवासी नागेन्द्र जैन का बिलौआ में कपड़े का व्यवसाय है। 3 दिसंबर 2020 में उन्होंने अपने छोटे भाइयों दीपक जैन और सुमित जैन की शादी उज्जैन की नंदनी मित्तल और रिंकी मित्तल से की थी। रिश्ता दोनों लड़कियों के भाई संदीप मित्तल (वास्तविक नाम संदीप शर्मा है) के सामने तय हुआ था। यह रिश्ता समाज के बाबूलाल जैन ने तय करवाया था। दोनों लड़कियों को वैश्य बनिया बताया गया था। शादी के बाद नंदनी और रिंकी करीब 15 से 20 दिन तक ससुराल रहीं।बाद में मायके चली गईं। घटना का पता उस समय चला जब कई दिन बाद भी वे वापस नहीं आईं। हर बार आने का वादा करने के बाद भी वापस नहीं आईं। घर वालों को शक हुआ और कमरों की तलाशी ली तो पता चला कि दोनों बहनें घर का सारा जेवर लगभग 8 लाख रुपए का और 7 लाख नकद समेट कर ले गई हैं। पीड़ित के अनुसार शादी के समय बताया गया था कि सगी बहनों के माता-पिता की मौत हो चुकी है। शादी कराने के नाम पर उनसे 7 लाख रुपये लिए गए थे। बाद में जांच में पता चला है कि एक दुल्हन का पहले से ही एक बेटा है। उज्जैन में दोनों दुल्हनों के खिलाफ शादी के बाद धोखाधड़ी की FIR भी पहले से ही दर्ज थी।
Facebook से हुआ खुलासा
पीडित नागेन्द्र जैने ने बताया कि सोशल मीडिया अकाउंट पर उनके भाईयों से शादी करने वाली लड़कियों की फेसबुक (Facebook) आई डी दिखाई दी। उनके नाम अलग और अधिक तलाश करने पर उनको पता चला कि दोनों की अलग अलग नाम से बहुत सारी फेसबुक (Facebook) आई हैं और साथ ही जिस लड़के ने इन्हें भाई बताकर परिवार से मिला था, उनका भी सोशल मीडिया अकाउंट अलग अलग नामों से था। फरियादी को लड़कियों की फेसबुक आई से पता चला है कि दोनों लड़कियां पूर्व से ही शादीशुदा है। लड़कियों के संबंध में उज्जैन जाकर मालूम हुआ कि लड़कियों के भाई बनकर आये युवक के विरूद्ध कई आपराधिक मामले दर्ज है। शादी करके धोखाधड़ी करना इन लोगों का धंधा है। लुटेरी दुल्हनों ने पूर्व कुछ लोगों पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है।
उज्जैन से गिरफ्तार किया फर्जी भाई संदीप शर्मा
थाना प्रभारी बिलौआ रमेश शाक्य ने इस मामले में एक टीम गठित कर मामले में फरार समस्त आरोपियों की तलाश के लिए लगाया। उनके ठिकानों पर दबिश देकर दो आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में अन्य आरोपियों पर गिरफ्तारी का दबाव पड़ने पर नंदनी और रिंकी ने DABRA कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। जिन्हें पूछताछ के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। शेष बचे आरोपियों की तलाशी के लिए दबिशों के दौरान एक आरोपी को उज्जैन से पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया। यह संदीप शर्मा है और इसने ही दोनों लुटेरी दुल्हनों का भाई संदीप मित्तल बनकर रिश्ता तय किया था। करोबारी परिवारों के लड़के तलाशने से लेकर उनको फंसाने का काम इसी का रहता था। इसने इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में वारदात करना कुबूल किया है। इसके बाद से एक सोने की अंगूठी, एक पायल तथा 12,500/-नगद रुपए बरामद किए गए हैं। शेष जेवरात और नगदी बरामदगी के प्रयास जारी है।

