राजनीति

Newsराजनीतिराज्य

RSS प्रमुख मोहन भागवत वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि पर पहुंच कर अर्पित की पुष्पांजलि

वीरांगना की समाधि पर पुष्प अर्पित करते हुए आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत। - Dainik Bhaskar

ग्वालियर. केदारपुर धाम में चल रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 4 दिवसीय अखिल भारतीय विविध संगठन प्रचारक वर्ग का आज तीसरा दिन है। शनिवार की सुबह सत्र की शुरूआत से पहले आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत समेत संघ के अन्य पदाधिकारी रानी लक्ष्मीबाई की समाधिस्थल पर पहुंचे। यहां मोहन भागवत ने पुष्पांजलि अर्पित कर लक्ष्मीबाई को विनम्र श्रद्धांजलि दी। इसके बाद आरएसएस प्रमुख ने समाधि की परिक्रमा कर हाथ जोड़कर प्रणाम किया है।
आरएसएस के विभाग संघचालक प्रहलाद सबनानी ने बताया है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जिस शहर में होते हैं। वह शहर में मौजूद आजादी के नायक और शहीदों की प्रतिमा पर जाते है। इसी कड़ी में वह रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर भी पहुंचे।
ग्वालियर में चल रहा चार दिवसीय प्रचारक वर्ग
ग्वालियर की जमीन पर 31 अक्टूबर (दीपावली) से 4 नवंबर तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का विविध संगठन प्रचारक प्रशिक्षण वर्ग शुरू हो चुका है। इसमें आरएसएस के 31 संगठनों के 554 प्रचारक भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण वर्ग में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के सभी सहसरकार्यवाह और अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए हैं। इस चार दिवसीय प्रचारक वर्ग में वे कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं, जो सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहते हैं। यह एक तरह का प्रशिक्षण वर्ग माना जा रहा है। जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्र और वर्ग के बीच संघ कार्यों की समीक्षा और आगामी वर्षों के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा हो रही है।

Newsराजनीतिराज्य

आरएसएस ने सुनाया संघ का संदेश, सभी को पत्रकारों से दूर रहने की सख्त हिदायत, सामाजिक समरसता लाने का दिया लक्ष्य

ग्वालियर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 4 दिवसीय विविध संगठन प्रचारक वर्ग के दूसरे दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सभी सदस्यों के विचार जानने के बाद संघ का संदेश सुनाया और साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हिन्दू समाज के सभी वर्ग के लोगों में एकता और उनमें परस्पर प्रेम बढ़ाने के लिये सिर्फ भाजपाईयों के घरों तक ही नहीं बल्कि निचले स्तर तक ले जाने के लिये घर-घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
दीपावली से शुरू हुआ विविध संगठन प्रचारक प्रशिक्षण वर्ग
दोपहर के भोजन में सामाजिक समरसता के तहत घर-घर से जुटाया गये भोजन का स्वाद लिया है। जिसके बाद आरएसएस प्रमुख ने सभी प्रांत से आये प्रचारक पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। ऐसी भी सूचना है कि संघ के प्रचारक वर्ग के तीसरे दिन प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव प्रचारक वर्ग में शामिल हो सकते है। ग्वालियर की जमीन पर 31 अक्टूबर दीवाली से 4 नवम्बर तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विविध संगठन प्रचारक प्रशिक्षण वर्ग शुरू हो चुका है। इ समें आरएसएस के 31 संगठनों के 554 प्रचारक भाग ले रहे है।
इस प्रशिक्षण वर्क में सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के सभी सहसरकार्यवाह और अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए हैं। इस 4 दिवसीय प्रचारक वर्ग में वह कार्यकर्त्ता भाग ले रहे है जो सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहते हैं। यह एक तरह का प्रक्षिक्षण वर्ग माना जा रहा है। जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्र व वर्ग के बीच संघ के कार्यो की समीक्षा और आगामी वर्षो के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा होगी।
आरएसएस कार्यकर्त्ता के हवाले प्रशिक्षण वर्ग का दायित्व
आरएसएस के विविध संगठन प्रशिक्षण वर्ग 4 दिन तक चलेगा। यहां सभी व्यवस्थायें संघ के कार्यकर्त्ता संभाल रहे है। यहां अन्दर की सुरक्षा से लेकर मंच तक का प्रबंधन आरएसएस के कार्यकर्त्ता ही करेंगे। आने वाले अतिथियों के लिये भोजन से लेकर स्वागत का इंतजाम भी संघ के सदस्यों के जिम्मे रहेगा। सभी को मीडिया और पत्रकारों से दूर रहने और अन्दर की बात बाहर नहीं जाने की सख्त हिदायत दी गयी है।

समरसता लाने का टारगेट दिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक वर्ग में कई मुद्दों पर मंथन हो रहा है लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा हिंदू समाज में सामाजिक समरसता है। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को प्रचारक वर्ग में सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत और सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की मौजूदगी में कार्यकारी मंडल के पदाधिकारियों ने संगठन के सभी 11 क्षेत्र तथा 46 प्रांत प्रचारकों को संघ के एजेंडे जिसमें पंच परिवर्तनों के द्वारा हिन्दू समाज में सामाजिक समरसता लाने के प्रयास के लिए इस संदेश को निचले स्तर तक ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी हैं। साथ ही सभी पदाधिकारियों से संघ का संदेश घर-घर पहुंचाने का आह्वान किया।
2 नवंबर को सीएम होंगे शामिल
आरएसएस के प्रचारक वर्ग में चार दिन के कार्यक्रम के तीसरे दिन 2 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आना प्रस्तावित है। क्योंकि उत्तर प्रदेश के मथुरा में हुए कार्यक्रम में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचे थे। फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं आया है।

Newsराजनीतिराज्य

1000 वर्ष पूर्व बना था सहस़्त्रबाहू का मंदिर, गंगा और यमुना के नाम से जाते सास-बहू के मंदिर को,

ग्वालियर. ऐतिहासिक किले की पूर्व दिशा में विशाल 2 मंदिर बने हुए है। यह दोनों ही मंदिर लगभग 1 हजार वर्ष पुराने है। उस वक्त इन मंदिरों का निर्माण कच्छपघात राजवंश के राजा महिपाल ने 11वीं शताब्दी में कराया था। यह दोनों ही मंदिर विष्णुजी को समर्पित थे। इसलिये इनका सहस्त्रबाहू मंदिर रखा गया। लेकिन समय के साथ इन मंदिरों को लोग सास-बहू मंदिर कहने लगे। भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान असिस्टेंट प्रो. सीएस बरूआ के अनुसार इन मंदिरों का निर्माण उत्तर भारत की नागर शैली में कराया गया था।
इसलिये इसमें सुन्दर नक्काशी और कंगूरे और देवताओं की मूर्तियां देखने को मिलती है। इस मंदिर का निर्माण 5 हिस्सों में किया गया था। इसमें अर्द्ध मंडप, मंडप, महामंडप, अंतराल और गर्भगृह है। इसमें त्रिदेव की मूर्तियां भी है। इनमें प्रभु ब्रम्हा, विष्णु और महेश शामिल हे। दरवाजे दोनों ओर 2 द्वारपाल की भी मूर्तियां बनाई गयी है। इनको जय और विजय कहा जाता है। यह ऐसा मंदिर है। जहां गंगा और यमुना की मूर्तियां भी बनी हुई है।
वर्ष 1881 में हुआ जीर्णोद्वार
देखरेख के अभाव में इस मंदिर का एक बड़ा हिस्सा गिर गया था। अंग्रेज शासकों ने जब इसे जीर्ण-शीर्ण देखा तो वर्ष 1881 में ब्रिटिश ऑर्किटेक्ट मेजर जेबी कीथ से इसका रेनोवेशन कराया था और इसके लिये उन्होंने इसके पुराने नक्शे का सहारा लिया था। 1958 में इसे भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन आ गया।
नागर शैली की खासियत
नागर शैली उत्तर भारतीय हिंदू स्थापत्य कला की एक शैली है। वास्तुशास्त्र के अनुसार नागर शैली के मंदिरों की पहचान आधार से लेकर सर्वोच्च अंश तक इसका चतुष्कोण होना है। मंदिर के सबसे ऊपर शिखर होता है, जिसे रेखा शिखर कहते हैं। मंदिर में दो भवन भी होते हैं, एक गर्भगृह और दूसरा मंडप। गर्भगृह ऊंचा होता है और मंडप छोटा होता है। गर्भगृह के ऊपर एक घंटाकार संरचना होती है, जिससे मंदिर की ऊंचाई बढ़ जाती है।
सदी के महानायक भी कर चुके हैं जिक्र
इन मंदिरों की ख्याति का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी इसका जिक्र कर चुके हैं। छोटे पर्दे पर प्रसारित होने वाले एक शो के संबंध में उन्होंने इन मंदिरों की जुड़ी जानकारी देने के लिए ट्वीट किया था। इसमें अमिताभ बच्चन ने लिखा था कि मध्यप्रदेश का एक हजार साल पुराना सास-बहू मंदिर आकर्षित करता है। साथ ही इसको मैं हेरिटेज मैप पर भी पिन कर रहा हूं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देखें।

Newsराजनीतिराज्य

चाचा-भतीजे की हत्या महज 70 हजार रूपयों के लिये की गयी

नई दिल्ली. दीपावली की रात दिल्ली के शाहदरा में हुए चाचा -भतीजे के डबल मर्डर के मामले में नाबालिग आरोपी की गिरफ्तारी के बाद से हत्या की वजह सामने आयी है।
70 हजार रूपयों की लिये की गयी हत्या
डीसीपी शाहदरा प्रशांत गौतम ने बताया कि जानकारी के अनुसार मृत आकाश ने आरोपी नाबालिग को कोई काम सौंपा था जिसके बदले उसे 70 हजार रूपये देने की बात हुई थी। अब काम पूरा हो जाने पर आकाश न तो पैसे दे रहा था और न ही आरोपी का फोन उठा रहा था। इस कारण से नाबालिग बेहद गुस्से में था। उसने एक कॉन्ट्रैक्ट किलरद को हायर किया और दीपावली के दिन मौका देखकर आकाश ने हत्या को अंजाम दिया।
17 से हत्या की प्लानिंग कर था नाबालिग
उन्होंने बताया कि आरोपी के टारगेट पर सिर्फ आकाश था। लेकिन पहले कृष को गलती से गोली लगी और इसके बाद ऋषभ ने जब आरोपी को पकड़ना चाहा तो उसने ऋषभ को भी गोली मार दी। उन्होंने आगे बताया कि नाबालिग 17 दिन से इस हत्या की प्लानिंग कर रहा था और वह पहले भी कई वारदातों में शामिल रहा है।

Newsराजनीतिराज्य

रेलवे पुलिस में भरा पानी तो रोकी ट्रेन

गुना. म्याना इलाके के खजूरी गांव में रेलवे पुलिया में पानी भरा होने की वजह से ग्रामीणों ने आक्रोश फूट पड़ा है। शुक्रवार की सुबह ग्रामीण रेल की पटरी पर बैठ गये और ग्वालियर भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन को रोक लिया। ट्रेन ग्वालियर से गुना की ओर आ रही थी।
उन्होंने रेलवे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों की मांग थी कि पुलिस में भरे पानी को जल्द खाली कराया जाये। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची है। इस बीच ट्रेन 40 मिनट तक रूकी रही। रेलवे के अफसर, तहसीलदार ने पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और इसके बाद वह पटरी से हटे और ट्रेन को रवाना किया। वहीं ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

बता दें कि म्याना इलाके का खजूरी गांव नेशनल हाइवे 46 से तीन किलोमीटर अंदर है। गांव तक पहुंचने में बीच में रेलवे ट्रैक भी पड़ता है। इस ट्रैक पर रेलवे ने अंडर ब्रिज बनाया हुआ है। इसी अंडरब्रिज से होकर ग्रामीणों को गुजरना होता है। इस अंडरब्रिज की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां अधिकतर समय पानी भरा रहता है। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। एक पंप ऑपरेटर को पानी निकालने का जिम्मा दिया हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से अंडरब्रिज में कई फीट तक पानी भरा हुआ है। इस कारण यहां से निकलना संभव नहीं हो पा रहा है। कई बार प्रशासन को समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई हल नहीं निकला।

पुलिया में अभी भी पानी भरा हुआ है।
पुलिया में अभी भी पानी भरा हुआ है।
ग्रामीणों को हटाने की कोशिश करती पुलिस।
ग्रामीणों को हटाने की कोशिश करती पुलिस।
Newsराजनीतिराज्य

MP में सबसे अधिक प्रदूषित शहर ग्वालियर, एक्यूआई लेवल 408 दर्ज’ ग्वालियर के सिटीसेंटर में हवा की खराब है स्थिति

ग्वालियर. मध्यप्रदेश के कई बड़े शहरों में प्रदूषण का लेवल लगभग 3 गुना तक बढ़ गया है। जिसमें ग्वालियर के डीडीनगर में शुक्रवार की सुबह लगभग 9.30 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 408 दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर इन्दौर के ग्वाल टोली में यह 399 रहा है। भोपाल, रतलाम, जबलपुर, उज्जैन और देवास में  क्रमशः 314, 315, 370, 322 और 316 दर्ज किया गया है। जो खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है। सिटी सेंटर में हवा की स्थिति खराब है, जबकि महाराज बाड़ा पर बहुत ज्यादा खराब है। शहर के डीडी नगर में हवा की स्थिति जानलेवा बताई गई है। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ओर से 31 अक्टूबर को प्रदूषण की 6 घंटे के लिए (शा

एमपीपीसीबी के अनुसार,भोपाल में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 यानी धूल के बारीक कण से सबसे अधिक प्रदूषण हो रहा है। - Dainik Bhaskar
ळालांकि कई शहरों में एयरफ्लो की वजह से आतिशबाजी के बावजूद एक्यूआई कम हुआ है। एयर फ्लो से मतलब यह है कि तेज हवा चलने या हवा का दबाव अधिक होने के चलते प्रदूषण कम हो जाता है।
धूल के बारीक कणों से बढ़ रहा है एक्यूआई भोपाल शहर के एक्यूआई की बात करें तो पर्यावरण परिसर में मौजूद लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम पर गुरूवार को 284 एक्यूआई था। सुबह टीटीनगर का एक्यूआई 238 दर्ज किया गया। वहीं, शाहपुरा इलाके में गुरूवार की दोपहर 176 एक्यूआई रहा है। देर रात तक यह 314 पर पहुच गया है।
मध्यप्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (एमपीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार, शहर भर में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 यानी धूल के बारीक कण से सबसे अधिक प्रदूषण हो रहा है। सभी जगहों पर जो एक्यूआई बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण पीएम 2.5 ही है।

Newsराजनीतिराज्य

दीवाली के बाद महाराज बाड़े पर लगा कचरे का ढेर, सुबह से पूरा शहर कचरे के आगोश में

ग्वालियर. दीवाली हर्षोल्लास और जोश के साथ मनाई गयी है। शहर के लोगों ने जमकर आतिशबाजी की, लेकिन दीपोत्सव के दूसरे दिन सफाईकर्मियों की छुट्टी का असर पूरे शहर में साफ दिखाई दे रहा है। कचरा गाडि़यों के नहीं चलने से बाजारों से लेकर सड़कों तक कचरा ही कचरा नजर आया है। इसमें सबसे अधिक आतिशबाजी का कचरा है।
शहर के महाराज बाडे पर दीपोत्सव के पहले सड़क पर बैठकर व्यापार करने वाले हॉकर्स के जाने के बाद उनका कचरा चारों ओर बिखरा पड़ा नजर आ रहा है। यही हाल उपनगर ग्वालियर और मुरार के बाजारों के है। अभी तक कचरा शनिवार को झाडू लगने के बाद ही उठेगा। हालांकि अधिकारियों ने कचरा उठवाने के प्रयास किये, लेकिन बाजारों में पड़ा कचरा नहीं उ ठपाये हैं।
सफाई कर्मचारी अवकाश पर हैं
गुरूवार को दीपावली का त्योहार था और शुक्रवार को सफाई कर्मचारी अवकाश पर है। शहर में वार्ड नम्बर 1 से लेकर 66 तक शनिवार को कचरा नहीं उठा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि लगभग 550 से 600 टन कचरा उठकर लैंडफिल साइट पर नहीं पहुंच सका। अब शनिवार को करीब 500 टन कचरा दूसरे दिन का और जुड़ जायेगा। ऐसे में शनिवार का दिन ही कचरा कलेक्शन के लिहाज से खास रहेगा। नगरनिगम पहले से ही दीपोत्सव पर निकल रहा अतिरिक्त कचरा पूरी तरह नहीं उठा पा रहा था। दीपोत्सव के दूसरे दिन सफाई कर्मियों का अवकाश होने से कचरा कलेक्शन करने और उठाने वाले वाहन नहीं निकले और न ही सड़कों पर झाडू लगी है।

Newsराजनीतिराष्ट्रीय

दीवाली पर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाया आकाश, दीपावली की धूम से सजे घर-घर और जले दीप

ग्वालियर. गुरूवार की शाम को दीवाली मनाई गयी है। दीपावली 31 अक्टूबर या 1 नवम्बर की मनाई जाये। इसको लेकर उलझन थी। लेकिन शहर के सभी बड़े मंदिर, आश्रम और सरकारी कार्यालयों में गुरूवार को ही दीपावली का त्योहार मनाया गया है। गुरूवार की रात मे ंरंग-बिरंगी रोशनियों औरे आतिशबाजी से शहर का आसमान जगमग हो गया है। रात 8 बजे शहर के लोगों ने शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन कर दीप जलाये, फिर बच्चों -बड़ों ने जमकर पटाखे चलाये। लोग एक-दूसरे को शुभकामनाये देते नजर आये। पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी से नहाया नजर आ रहा है। चारो ओर रोशनी ओर खुशहाली है। दीपावली के दिन भी रात तक बाजारों में खरीदारी करने वाले भी नजर आयें है।
दीवाली पर गुरूवार की सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। शहरवासी सुबह से ही लक्ष्मीजी के पूजन के लिये अपनी दुकानों -मकानों की सफाई करते देखे गये। सुबह से ही शहर में ठेके वाले अशोक के पत्ते, माला आदि लेकर खड़े हो गये थे। लोगों ने पत्ते, फूल आदि खरीदकर दुकानों, मकानों पर संजाये। लोगों ने अपनी दुकानों, मकानों और ऑफिसों में लक्ष्मी जी का पूजन पूरे विधि विधान से किया गया। शाम होते ही दीवाली की असली चमक नजर आई।

Newsराजनीतिराज्य

केदारपुरधाम में स्वयं सेवक संघ का प्रचारक वर्ग शुरू, वर्ग के उद्देश्य, सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर 4 दिन होगा मंथन

ग्वालियर. केदारपुरधाम में दीवाली की सुबह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 4 दिवसीय विविध संगठन प्रचारक वर्ग का शुभारंभ हो गया है। गुरूवार की सुबह 8.30 बजे आरएसएस के सरसंघ चालक डॉ. मोहन भागवत ने भारत माता व सरस्वती मां के चित्रों पर पुष्प् अर्पित कर प्रचारक वर्ग का शुरू किया है। इस अवसर पर डॉ. मोहन भागवत ने प्रचारक वर्ग के पहले चरण में वर्ग के उद्देश्य को स्पष्ट किया है। प्रचारक वर्ग में 31 विविध संगठन के 554 प्रचारक शामिल हुए है। यहां राष्ट्रीय राजनीति, सामाजिक, मजदूर, किसानों, विद्यार्थियों तथा सामाजिक, धार्मिक एवं ग्रामीण, वनवासी, शहरी क्षेत्र में कार्यो पर चर्चा के साथ ही महिला सशक्तिीकरण पर विचार विमर्श हो रहा है।
7 सत्र में हो रहा है प्रचारक वर्ग
अखिल भारतीय प्रचारक वर्ग प्रति तीन-चार वर्ष में एक बार होता है। वर्ग में स्वाध्याय के साथ सामाजिक जीवन के लिए आवश्यक कार्यों की चर्चा, व्यक्तिगत विकास एवं परस्पर अनुभव साझा किए जाएंगे।
राष्ट्रीय, सामाजिक मुद्दों पर हो रहा मंथन
ग्वालियर केदारपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शुरू हुए चार दिवसीय आरएसएस के विविध संगठन प्रचारक प्रशिक्षण वर्ग में कई मुद्दों पर मंथन होगा। चार दिन में राष्ट्रीय एवं सामाजिक कार्यों से जुड़े मुद्दों, दिव्यांगजन, युवा एवं महिला सशक्तीकरण, स्वावलंबन, सुरक्षा, जैविक कृषि, जल संधारण, पर्यावरण संरक्षण, घुमंतु कार्य, व्यसन मुक्ति जैसे विषयों पर मंथन होगा। प्रशिक्षण वर्ग में निरंतर सक्रिय रहने वाले ये सभी कार्यकर्ता इस वर्ग में शामिल होकर इन मुद्दों पर मंथन करेंगे।
2 नवंबर को सीएम होंगे शामिल आरएसएस के प्रचारक वर्ग में चार दिन के कार्यक्रम के तीसरे दिन दो नवंबर को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आना प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश के मथुरा में हुए कार्यक्रम में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचे थे।
सारे इंतजाम संघ के कार्यकर्ता कर रहे
ग्वालियर में आरएसएस के विविध संगठन प्रचारक प्रशिक्षण वर्ग चार दिन तक चलेगा। यहां सभी व्यवस्थाएं संघ के कार्यकर्ता ही संभाल रहे हैं। अंदर की सुरक्षा से लेकर मंच तक का प्रबंधन आरएसएस के कार्यकर्ता ही करेंगे। आने वाले अतिथियों के लिए भोजन से लेकर स्वागत का इंतजाम भी संघ के सदस्यों के जिम्मे रहेगा।

Newsराजनीतिराज्यराष्ट्रीय

दीपावली पर ओरछा के लक्ष्मीनारायण मंदिर की चौखट पर माथा टेक कर बिना दर्शन के ही वापिस लौट जाते हैं श्रद्धालु

ओरछा. कभी बुन्देलखंड की राजधानी रही ओरछा रियासत आज मध्यप्रदेश के सबसे छोटे जिले के निवाड़ी की तहसील है। यहां भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है। जामुनी और बेतवा नदी के किनारे बसा यह ऐतिहासिकस्थल अपने अन्दर कई सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजे हुए हैं। जिसे देखने के लिये देश ही नहीं विदेशी सैलानी भी आते हैं। ओरछा स्थित जहांगीर महल, राजा महल स्टैण्ड, परवीन महल, चतुर्भुज मंदिर, लक्ष्मीनरायण मंदिर काफी अहम है।
इसमें 17वीं सदी की शुरूआत में बना लक्ष्मीनारायण मंदिर अपने आप में खा सहै। यह मंदिर 1600ईसवी में वीरसिंह देव ने बनवाया था। यह मंदिर ओरछा गांव के पश्चिम में एक पहाड़ी बना हुआ है। यह मंदिर पिछलजे 36 वर्षो में मूर्ति विहीन है। इस मंदिर में 17वीं और 19वीं शताब्दी के चित्र बने हुए है। चित्रों के चटकीले रंग इतने जीवंत लगते हैं। जैसे वह हाल ही में बनाये गये हों। मंदिर में झांसी की लड़ाई के दृश्य और भगवान कृष्ण की आकृतियां बनी है।
इसके अलावा 17वीं सदी में बनाये गये इस मंदिर की मान्यता है कि दीपावली के दिन इस सिद्ध मंदिर में दीपक जलाकर मां लक्ष्मी की पूजा करने से वह प्रसन्न होती है। 1983 में मंदिर में स्थापित मूर्तियों को चोरों ने चुरा लिया था। तब से आज तक मंदिर के गर्भगृह का सिंहासन सूना पड़ा है। ओरछा निवासी 90 वर्षीय साहियकार गणेशप्रसाद दुबे ने कहा है कि मंदिर के महत्व को जानकर बुंदेलखण्ड से आने वाले श्रद्धालु मंदिर की चौखट पर माथा टेकर बिना लां लक्ष्मी के दर्शन किये निराश लौट जाते हैं।

hacklink satın al grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet grandpashabet güncel giriş grandpashabet grandpashabet güncel grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet giriş grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet matbet jojobet jojobet giriş holiganbet sahabet onwin bets10 bets10 giriş bets10 güncel giriş betcio atlasbet bets10 bets10 giriş vaycasino vaycasino giriş norabahis betcio meritbet betplay atlasbet grandpashabet jojobet holiganbet kralbet deneme bonusu veren siteler deneme bonusu veren siteler casibom casibom meritking meritking giriş bullbahis casibom casibom giriş süperbetin superbetin meritking meritking giriş betturkey çorlu escort tekirdağ escort Extrabet Extrabet giriş Extrabet güncel bahsegel safirbet safirbet safirbet giriş safirbet güncel giriş jojobet holiganbet grandpashabet cratosroyalbet radissonbet gameofbet romabet betgit 1win bahiscasino