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खाद की मांग को लेकर किसान सड़कों पर उतरे, ट्रैक्टर ट्राली रैली के साथ पहुंचे किसान, सरकार को दी चेतावनी

टीकमगढ़ मंडी में किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर दिए।

जबलपुर. भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानी की समस्या और राज्य सरकार के लैंड को लेकर सोमवार को पूरे प्रदेश में आन्दोलन किया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिला मुख्यलयों पर किसान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर का ज्ञापन सौंप रहे हैं। इसके लिये किसानों का ट्रेक्टर रैली से पहुंच रहे है। इधर, राजधानी में सीएम ने बिल पर सभी संवाद की बात कहीं है।
जबलपुर में किसान कृषि उपज मंडी से ट्रैक्टर ट्राली रैली निकालकर घंटाघर पहुंचेंगे। अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। रैली को देखते हुए पुलिस ने घंटाघर इलाके में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कडी कर दी। इसी तरह टीकमगढ़ में भी किसानों ने 1 बजे रैली निकालना शुरू कर दिया है। जिला मंत्री धनंजय पटेल ने बताया कि दोपहर 12 बजे किसान कृषि उपज मंडी में एकत्र हुए है। सभा के बाद ट्रैक्टर ट्राली रैली मंडी से शुरू होकर दमोह नाका, रानीताल, यातायात चौक, 3 पत्ती चौक और नौदरा ब्रिज से होती हुई घंटाघर पहुंचेगी। यहां कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आन्दोलन समाप्त किया जायेगा।
किसानों की मुख्य मांगें
लैंड पूलिंग एक्ट को तत्काल वापस लिया जाए।
यूरिया और डीएपी सहित खाद की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
खाद-बीज की कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
धान, गेहूं, मूंग और उड़द का रुका हुआ भुगतान किसानों को तुरंत दिया जाए।
गेहूं 2700 रुपए और धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जाए।
जिले में तीन साल से अधिक समय से पदस्थ कृषि विभाग के अधिकारियों का ट्रांसफर हो और भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

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सिंधिया कर रहे थे विकास कार्यो की समीक्षा, जर्जर सड़कों और विकास की धीमी से अधिकारियों से जताई नाराजगी

ग्वालियर. मनोज कल कहां थे तुम इस पर सभापति मनोज तोमर ने अपनी सफाई में कहा है कि मैं श्राद्ध होने की वजह से नहीं आया हूं। मौका था केन्द्रीय ज्योतिरादित्य सिंधिया सोमवार की सुबह कलेक्ट्रेट के सभागार में शहर के विकास कार्यो की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में जिले के मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक और सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। शहर की जर्जर सड़कों, निर्माण कार्यो की धीमी गति और अधिकारियों के व्यवहार के प्रति नाराजगी जताई।
कॉनकोर्स का ढांचा तैयार
ग्वालियर प्रवास के दौरान रविवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यो का निरीक्षण किया। झांसी मंडल के डीआरएफ अनिरूद्ध कुमार ने उन्हें परियोजना की मौजूदा प्रगति और शेष कार्यो की समय सीमा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कॉनकोर्स का ढांचा तैयार हो चुका है और शेष निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
फुटओवर ब्रिज पर उठाये सवाल
निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर और विधायक मोहनसिंह राठौर ने फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) की सीढि़यों की चौड़ाई कम होने से यात्रियों का हो रही परेषानी का भी मुद्दा उठाया है। इस पर डीआरएम ने कहा है कि काम पूरा होने के बाद केवल प्लेटफार्म बदलने वाली यात्री ही इन सीढि़यों का उपयोग करेंगे। उनके लिये एस्कलेटर भी लगाया गया है। इस पर सिंधिया ने अधिकारियों से कहा है कि प्रयास करें कि सीढि़यां कम से कम 4 फीट चौडी हों। पहले यहां 5 ट्रैक थे। मैने 6 ट्रैक कराये हैं।
5  दिवसीय ग्वालियर प्रवास
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर अंचल के पांच दिवसीय प्रवास पर हैं। रविवार को शिवपुरी और अशोकनगर का दौरा करने के बाद वे ग्वालियर पहुंचे। ग्वालियर में उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ जर्जर सड़कों पर भी असंतोष जताया है।

 

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वक्फ कानून बरकरार, बोर्ड में 3 सदस्य गैर मुस्लिम हों सकेंगे, 5 वर्ष की शर्त खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कुछ धाराओं में लगाई रोक

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए कानून के कुछ प्रावधानों पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने फिलहाल उस प्रावधान पर रोक लगाई है। जिसमें वक्फ बोर्ड का सदस्य बनने के लिये कम स कम 5 वर्ष तक इस्लाम का पालन करने की शर्त रखी गयी थी। न्यायालय ने कहा है कि इस संबंध में उचित नियम बनने तक यह प्रावधान लागू नहीं होता है।
इसके अलावा धारा 3 (74) से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड के प्रावधान पर भी रोक लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि कार्यपालिका किसी भी व्यक्ति के अधिकार तय नहीं कर सकती है। जब तक नामित अधिकारी की जांच पर अंतिम निर्णय न हो और जब तक वक्फ संपत्ति के मालिकाना हक का फैसला वक्फ ट्रिब्यूनल पर हाईकोर्ट द्वारा न हो जाये ।तब तक वक्फ को उसकी संपत्ति से बेदखल नहीं किया जा सकता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े मामलों का अंतिम निपटारा होने तक किसी तीसरे पक्ष के अधिकार नहीं बनाये जायेंगे।
संपत्ति के अधिकार कार्यपालिका तय नहीं कर सकती
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी कलेक्टर या कार्यपालिका को संपत्ति के अधिकार तय करने की अनुमति देना शक्तियों के (सेप्रेशन ऑफ पॉवर) पृथक्करण के खिलाफ है। न्यायालय ने निर्देश दिया है कि जब तक धारा 3 (सी) के तहत वक्फ संपत्ति के मालिकाना हक का अंतिम फैसला वक्फ ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट से नहीं हो जाता है। तब तक न तो वक्फ को संपत्ति से बेदखल किया जायेगा, न ही राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ होगी और साथ ही इस बीच किसी तीसरे पक्ष के अधिकार भी नहीं बनाये जायेंगे।
वक्फ में 5 साल वाली शर्त खारिज
मुख्य आपत्ति धारा 3(आर), 3(सी), 3(डी), 7 और 8 समेत कुछ धाराओं पर थी। इनमें से धारा 3(आर), के उस प्रावधान पर न्यायालय ने रोक लगा दी। जिसमें वक्फ बोर्ड का सदस्य बनने के लिये 5 साल तक इस्लाम का पालन करने की शर्त रखी गयी थी। न्यायालय ने कहा है कि जब तक सरकार इस पर स्पष्ट नियम नहीं बनाती। तब तक यह प्रावधान लागू नहीं होगा। वरना यह मनमाना साबित हो सकता है।
बोर्ड में 3 गैर मुस्लिम सदस्य ही होंगे
वक्फ बोर्ड की संरचना पर टिप्पणी करते हुए न्यायालय ने कहा है कि बोर्ड में अधिकतम 3 गैर मुस्लिम सदस्य ही हो सकते हैं। यानी 11 में से बहुमत मुस्लिम समुदाय से होना चाहिये और साथ जहां तक संभव हो बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मुस्लिम ही होना चाहिये। न्यायालय स्पष्ट किया है कि उसका यह आदेश वक्फ एक्ट की वैधता पर अंतिम राय नहीं है। न्यायालय ने साफ किया है कि पूरे कानून पर लगाने का कोई आधार नहीं है। लेकिन कुछ प्रावधानों पर अंतरिम सुरक्षा दी जा रही है। न्यायालय ने कहा है कि सामान्य तौर पर किसी कानून के पक्ष में संवैधानिक वैधता की धारणा रहती है।

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इन्दौर की पातालपानी-कालाकुड रेलवे ट्रैक हेरिटेज घोषित, ग्वालियर नेरोगंज ट्रेन हुई गायब, 147 वर्ष पुराने मीटर गेट को मिली नयी उपलब्धि

इंदौर. 147 वर्ष पुराने पातालपानी-कालाकुण्ड मीटर गेज सेक्शन को रेलवे ने हेरिटेज घोषित किया है। पश्चिम रेलवे का यह पहला रूट है, जिसे हेरिटेज घोषित किया गया है। अभी यहां हेरिटेज ट्रेन चलाई जा रही है। यह रेलवे यह ट्रैक पहाड़ों में चलने वाली ट्रेनों में सबसे पुराना है। इसकी शुरूआत 1 जुलाई 1878 में हुई थी।
जबकि कालका-शिमला रेलरूट 9 नवम्बर 1903, दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे टॉय ट्रेन सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग 4 जुलाई 1888, नीलगिरि माउंटेन रेलवे मेट्टुपालयम से ऊटी जून 1899, माथेरन रेलवे नेराल से माथरेन वर्ष 1907 में शुरू हुआ था।
रोमांच से भरा है पूरा ट्रैक
पातालपानी से कालाकुंड के बीच का पूरा रेल रूट पहाड़ों पर बना है।
इसमें चार टनल, पातालपानी झरना, नदियां व हरी-भरी वादियां सफर काे रोमांचक बनाती है।
कालाकुंड से पातालपानी जब ट्रेन आती है ताे दोनों तरफ इंजन लगाया जाता है।
ग्वालियर नेरोगेज ट्रेन चढ़ा राजनीति की बलि
आपको बताना मुनासिब होगा कि ग्वालियर नेरोगेज यानी ग्वालियर की मेट्रो ट्रेन जो कि मुख्य रेलवे स्टेशन से लेकर गोले का मंदिर, मुरार से वापिस लौटती हुई ग्वालियर रेलवे स्टेशन वापिस आती थी। दूसरा ट्रैक ग्वालियर रेलवे स्टेशन से लेकर घोसीपुरा, जनकगंज तक जाती थी। लेकिन इसे कोई भी जिन्दा नहीं रख पाया और राजनीतिक खींचतान के बीच लुप्त हो गयी।
भारतीय रेल हेरिटेज लिस्ट
कांगड़ा वैली, माथेरान हिल, निलंबुर-शोरनूर लाइन, पातालपानी-कालाकुंड सेक्शन
ये रूट हेरिटेज साइट
दार्जिलिंग हिमालयन, नीलगिरि माउंटेन, कालका-शिमला
पातालपानी-कालाकुंड पश्चिम रेलवे का यह पहला रुट है, जिसे हेरिटेज सेक्शन घोषित किया है। अब इस रूट में टूरिज्म बढ़ाने के साथ ही इसे संरक्षित करेंगे । कई प्रकार के सौंदर्यीकरण के कार्य की प्लानिंग करेंगे।
अश्विनी कुमार, डीआरएम, रतलाम मंडल

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AIMIM दिल्ली चीफ शोएब जमई को पुलिस ने किया गिरफ्तार, भारत -पाकिस्तान मैच के समापन पर की रिहाई

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नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान का मैच दुबई में खेला जा रहा था। पहलगाम हमले के बाद पहली बार है कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट मैच खेला जा रहा हो। देशभर में कई राजनीतिक दलों ने बॉयकॉट करने की बात कहीं है। कांग्रेस, आरजेडी, समाजवादी पार्टी से लेकर एआईएमआईएम तक ने इसका विरोध किया और सरकार पर सवाल खड़े किये है। एआईएमआईएम के दिल्ली प्रमुख शोएब जमई ने भी कार्यकर्त्ताओं से इस मैच के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिये कहा था। दिल्ली पुलिस ने मैच को लेकर सोशल मीडिया पर किये गये पोस्ट को लेकर उन्हें हिरासत में ले लिया है। मैच खत्म होने के बाद ही उनकी रिहाई की। जामियानगर थाने में उन्हें रखा गया। शोएब जमई ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर मैच को लेकर कई पोस्त किये जिसमें भारत-पाकिस्तान मैचे की स्क्रीनिंग बाधित करने की धमकी दी थी।
उन्होंने एक पोस्ट में लिखा एआईएमआईएम दिल्ली आज रात भारत बनाम पाकिस्तान मैच की किसी भी सार्वजनिक स्क्रीनिंग को बाधित कर सकती है। पहलगाम के शहीदों का मजाक बनाने के लिये बीजेपी को शर्म आनी चाहिये। जंग और मैच एक साथ नहीं चलेगा। रविवार की शाम लगभग 7 बजे पुलिस शोए जमई को थाने लेकर आयी और वहीं उन्हें बैठा रखा गया। इस बीच एआईएमआईएम समर्थक भी बड़ी संख्या में थाने के बाहर एकत्र हो गये। उनका कहना है कि पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष को बिना वजह हिरासत में लिया गया। थाने के बाहर खड़े समर्थक लगातार पुलिस कार्यवाही पर आपत्ति जताई। वहीं थाने के अंदर शोएब जमाई से पूछताछ की गयी। आपको बता दें कि जाम आदमी पार्टी ने भी दिल्ली में कई जगहों पर इंडिया पाकिस्तान के मैच को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कनॉट प्लेस मे ंतो आप के कार्यकर्त्ताओं का पुलिस ने तितर-बितर किया। कार्यकर्त्ताओं ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाये।

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बेकाबू कार डिवाइडर पर चढ़ी उछलकर कार ट्रक टकराई, कार में पति-पत्नी की हुई मौत

मुरैना. एमपी के मुरैना से गुजरने वाले नेशनल हाइवे-44 पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पति-पत्नी की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गयी। उछलकर रांग साइंड में जा पहुंची। जहां सामने से आ रहे ट्रक से उसकी भीषण टक्कर हो गयी। इस बीच कार के परखच्चे उड़ गये और उसमें सवार दोनों लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी।
हादसा सिकरौदा नहर के पास शाम 4.30 बजे हुआ। कार यूपी84 वाय 4647 धौलपुर की ओर से मुरैना की ओर आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार में कार अचानक डिवाइडर पर चढ गयी और फिर उछलकर दूसरी तरफ पहुंच गयी। जहां सामने से आ रहे ट्रक से उसकी सीधी टक्कर हो गयी। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को खबर दी गयी। कुछ ही देर में सिविल लाइन थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।
मृतकों की पहचान आधार कार्ड से
पुलिस को कार से आधार कार्ड और बैंक पासबुक मिली। इसमें मृतकों की पहचान नरेन्द्र यादव और सपना यादव के रूप में की गयी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह किस जिले या शहर के रहने वाले थे। दोनों के परिजनों से संपर्क नहीं हो सका है। सिविल लाइन थाना प्रभारी दर्शन शुक्ला ने बताया कि मृतकों के शवों को मुरैना जिला अस्पताल के मॉर्च्यूरी रूम में रखवाया गया है। पुलिस अब दस्तावेजों के आधार पर परिजनों से संपर्क करने के प्रयास में जुटी है।
घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हुई
हाईवे पर हुए इस भीषण हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। दुर्घटना के बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। ट्रक और कार को सड़क से हटाकर यातायात सामान्य किया गया।

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सागरताल पर चलाया स्वच्छता अभियान-लक्ष्मीबाई कॉलोनी एवं गांधीनगर पार्क में सुनी आमजन की समस्यायें

ग्वालियर –  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर की अगुवाई में आयोजित गैंडेवाली सडक पर मिनी मैराथन में ग्वालियरवासियों ने उत्साह और जोश के साथ दौड लगाई तथा ग्वालियर को स्वच्छ और नशा मुक्त बनाने की शपथ ली। उल्लेखनीय है कि स्वच्छता के लिए मिनी मैराथन दौड़ के आयोजन का मकसद लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।
ग्वालियर शहर को स्वच्छ, सुन्दर, हरा-भरा, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक रविवार को मिनी मैराथन के साथ ही स्वच्छता अभियान चलातें हैं। इस अभियान में बडी संख्या में शहरवासी जुडकर शहर को स्वच्छ व नशामुक्त बनाने का प्रण भी ले रहे हैं।
मिनी मैराथन दौड़ के समापन पर युवाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि जब हम एकजुट होते है तो बदलाव निश्चित होता है। आप सभी के सहयोग से हम सब ने मिलकर ग्वालियर को स्वच्छ, हरा-भरा, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसकी सफलता के लिए आपके इस सेवक के साथ-साथ हर नागरिक की सहभागिता जरूरी है।इस दौड़ में स्कूली छात्र-छात्राओं के अलावा शहर के युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, पार्षद सुश्री भावना खटीक, श्री लवि खंडेलवाल, श्री आकाश सक्सैना, श्री गुरमुख करोसिया, श्री प्रयाग तोमर, श्री बजरंग सैंगर, श्री शैलू चौहान, श्री रवि तोमर एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
सागरताल पर चलाया विशेष स्वच्छता अभियान 
ऊर्जा मंत्री ने सागरताल पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सामूहिक रूप से सागरताल की सफाई की। उन्होंने कहा कि आज सागरताल में स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देते हुए सक्रिय रूप से सफ़ाई की। इसके साथ ही वार्ड क्रमांक 5 आनंद नगर, सूरज सुंदरम गार्डन क्षेत्र का निरीक्षण कर सीवर लाइन एवं गंदे पानी की समस्या का जायज़ा लिया ।
लक्ष्मीबाई कॉलोनी एवं गांधीनगर पार्क में विद्युत शिविर लगाकर सुनी आमजन की  समस्यायें
ऊर्जा मंत्री ने लक्ष्मीबाई कॉलोनी कम्युनिटी हॉल एवं गांधीनगर पार्क में प्रबुद्धजनों से विद्युत समस्याओं के संबंध में चर्चा की तथा आमजन द्वारा बताई गई विद्युत स संबंधित समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया, वास्तुकला और प्रगति का संगम

ग्वालियर. रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य को देखने के लिये केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचकर जीर्णोद्वार का निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहें रिनोवेशन की प्रगति का जायजा लिया और उत्तर मध्यरेलवे के डीआरएम सहित अधिकारियों के साथ बैठक की। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि 2021 में कोरोना काल के बीच उन्होंने स्वयं ग्वालियर रेलवे स्टेशन का डिजाइन तैयार किया था। बैठक में उसी डिजायन की प्रगति पर चर्चा हुई। उन्होंने डीआरएम और अधिकारियों को उनके प्रयासों के लिये सराहना की जो स्टेशन के सौन्दर्यीकरण में जुटे हुए हैं।
उनके लिए एस्कलेटर लगा है। इस पर सिंधिया ने कहा कि ऐसा प्रयास करें कि 4 फीट सीढ़ियां चौड़ी हो जाएं। पहले यहां 5 ट्रैक थे मैंने 6 ट्रैक कराए है। भाजपा नेता सुधीर गुप्ता ने कहा कि एक्सलेटर आए दिन खराब रहता है इसलिए लिफ्ट की भी व्यवस्था की जाए। इस पर सिंधिया ने डीआरएम से कहा कि हर प्लेटफार्म पर लिफ्ट की भी व्यवस्था रहे,ऐसी व्यवस्था करें।
केन्द्रीय मंत्री ने स्टेशन के विकास कार्यो का विस्तृत ब्यौरा शेयर किया। उन्होंने कहा है कि स्टेशन का निर्माण ग्वालियर की ऐतिहासिक वास्तुकला को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। जिसमें आधुनिक सुविधाओं का भी समावेश होगा। उन्होंने अधिकारियों को 8 महत्वपूर्ण सुझाव दिये। ज्योतिरादित्य ने उम्मीद जताई कि जैसे भोपाल कर रानी कमलापति स्टेशन शहर का आकर्षण बन गया है। वैसे ही ग्वालियर रेलवे स्टेशन भी आधुनिकता और इतिहास के बेहतरीन संगम के रूप में विकसित होगा।
फुट ओवर ब्रिज पर चर्चा, चौड़ाई पर उठाए सवाल
निरीक्षण से पहले केन्द्रीय मंत्री ने प्रोजेक्ट की प्रगति पर प्रेजेंटेशन देखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान खुद उनकी पहल पर स्टेशन का डिजाइन रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर तैयार कराया गया था। निरीक्षण के दौरान फुटओवर ब्रिज पर पहुंचे। यहां सीढिय़ों की चौड़ाई के सवाल पर डीआरएम ने कहा कॉनकोर्स तैयार होने के बाद इस एफओबी का इस्तेमाल सीमित रहेगा।
यात्रियों के लिए कॉनकोर्स दिसंबर तक करें पूरा
सिंधिया ने निर्देश दिए कि दिसंबर 2025 तक कॉनकोर्स (सैकड़ों यात्री एक साथ बैठ सकेंगे) पूरी तरह से यात्रियों के लिए तैयार हो जाए, जबकि मार्च 2026 तक कॉनकोर्स की छत का काम भी पूर्ण कर लिया जाए। ऐतिहासिक भवन की सुंदरता बनाए रखने के लिए फसाड ट्रीटमेंट कराया जाए।
केन्द्रीय मंत्री ने दिए सुझाव
एफओबी की सीढिय़ां चौड़ाई बढ़ाने की संभावना देखी जाए।
ऐतिहासिक इमारत में झरोखेनुमा रोशनी-वेंटिलेशन की व्यवस्था हो।
प्लेटफार्मों पर हेरिटेज लैंप लगाएं।
सर्कुलेटिंग एरिया में फर्श और लैंडस्केपिंग में ग्वालियर स्टोन व हरियाली का प्रयोग किया जाए।
नैरोगेज कोच का संरक्षण कर उन्हें लॉन में प्रदर्शित किया जाए।
सर्कुलेटिंग एरिया में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को सुधार जाए।

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चेंबर में दो-दिवसीय ‘सोलर फेयर – 35 करोड़ के रिकॉर्ड व्यापार के साथ संपन्न

ग्वालियर, चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा “गैर पारंपरिक ऊर्जा” को बढ़ावा देने और सौर ऊर्जा के महत्व को व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से आयोजित ‘सोलर फेयर – 2025’ का आज सफलता के साथ समापन हुआ। 2 दिवसीय इस आयोजन ने ग्वालियर सहित पूरे अंचल में ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा प्रदान की है। इस मेगा फेयर में लगभग 13 मेगावाट क्षमता के सोलर पैनल्स का 35 करोड़ रुपये का व्यापार संपन्न हुआ। इसके अतिरिक्त, लगभग इतनी ही राशि की पूछताछ एवं प्रस्ताव दर्ज किए गए, जो आने वाले समय में सौर ऊर्जा निवेश की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।
द्वितीय दिवस पर बड़ी संख्या में व्यापारियों, उद्योगपतियों, अस्पताल एवं शैक्षणिक संस्थानों के संचालकों सहित आम नागरिकों ने फेयर का अवलोकन किया और विभिन्न स्टॉल्स पर पहुँचकर सौर ऊर्जा प्रणालियों की तकनीकी एवं आर्थिक जानकारी प्राप्त की। इस दौरान कई संस्थानों व प्रतिष्ठानों ने सौर ऊर्जा को अपनाने में गहरी रुचि दिखाई।
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि यह रही कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत ग्वालियर अंचल के व्यवसायियों में उल्लेखनीय उत्साह देखा गया, जिसने इस योजना की प्रभावशीलता को भी प्रमाणित किया। इस योजना के तहत 5 योजना तय हुई ।
मध्यप्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित यह ‘सोलर फेयर’ लगातार तीसरी बार सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। संस्था ने वर्ष 2023 में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में ग्वालियर अंचल में सौर ऊर्जा के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया था। उसी संकल्प के अंतर्गत वर्ष 2023 एवं 2024 में सोलर फेयर का सफल आयोजन किया गया और अब वर्ष 2025 का यह आयोजन भी ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कर गया।चेम्बर पदाधिकारियों ने कहा कि ‘सोलर फेयर’ न केवल वैकल्पिक ऊर्जा के प्रति जनजागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि औद्योगिक, व्यावसायिक एवं घरेलू क्षेत्रों में बिजली की बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सार्थक योगदान दे रहा है।

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जल भराव निकासी के लिये सड़कों का किया जायेगा सर्वे, नदियों व नाले के लिये वैज्ञानिक अध्ययन भी करायेगा निगम

ग्वालियर. शहर में जरा सी वर्षा में बार-बार जल भराव की समस्या से जूझते शहरवासियों के लिये राहत भरी खबर है। नगरनिगम के अधिकारियों ने शहर में जल भराव की परेशानी के समाधान के लिये विस्तृत परियोजना बनाने की तैयारी शुरू कर दी। इसके लिये एक कंपनी को सर्वे के लिये हायर कर काम कराया जायेगा। योजना के अनुसार निगम सीमा के अन्दर विभिन्न जगहों पर जल निकासी सिस्टम तैयार किया जायेगा।
यह सिस्टम 240 किमी लम्बी सड़क पर बनेगा। जहां से वर्षा के दौरान पानी की निकासी बेहतर तरीके से हो कसे। निगम ने इसके लिये 3 करोड रूपये के टेण्डर निकाले हैं। जो कम्पनी टेंडर में सफल होगी उसे 184 दिन में सर्वे का काम पूरा करके देना होगा।
पिछले 2 वर्षो से शहर के 66 वार्डो में कई जगहों पर जल भराव हर वर्ष हो रहा है। सड़कों के अलावा घरों, गलियों, अपार्टमेंट, दुकानों समेत कई जगहों पर जल भराव से लोग परेशान है। शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर क्षेत्रवासी सड़कों पर भी प्रदर्शन कर चुके हैं। कई जगहों पर नरक निगम के होर्डिंग तक लगा चुके हैं।
ग्वालियर की 240 किमी सड़कें की जायेगी शामिल
इनका होगा सर्वे, डिजाइन बनेगी-जल निकासी प्रणाली के साथ सड़कों की अनुमानित लम्बाई 240 किमी के निर्माण कार्य के लिये परियोजना में मिट्टी की जांच, यातायात सर्वेक्षण, सड़कों से जल निकासी, नाले और नदियों के लिये जल विज्ञान और हाइड्रोलिक अध्ययन किया जोयगा। सड़कों और जल निकासी प्रणाली के डिजायन के लिये अन्य आवश्यक क्षेत्र परीक्षण शामिल हैं। जो कम्पनी काम करेगी वह मौके पर चित्र, अनुमान आदि तैयार करेगी।
साइंटिफिक तरीके से कराएंगे शहर में सर्वे
नगर निगम सीमा के अंदर के क्षेत्र में 240 किमी लंबी सड़कों पर जल निकासी के लिए सर्वे कराया जाएगा। इसके साथ ही ट्रैफिक, नाले-नालियों आदि का सर्वे साइंटिफिक तरीके से कराकर आने वाले समय की शहर के लिए होगी। फिर उसी हिसाब से भविष्य में काम होगा। इसका टेंडर अपलोड हो चुका है। टेंडर होने के बाद सर्वे का कार्य शुरू हो जाएगा।
-संघ प्रिय, आयुक्त ननि. ग्वालियर