फर्जी गोलीकांड का पुलिस ने 10 घंटे में ही किया खुलासा, जेल से छूटते ही बदमाश ने स्वयं पर ही चलवाई गोली, घर में सोते मिला हमलावर
ग्वालियर. उटीला इलाके में आधी रात को युवक पर गोली चलने की घटना पूरी तरह से फर्जी निकली। पुलिस की जांच खुलासा हुआ है कि घायल युवक ने बदमाश सचि फागूना के कहने पर स्वयं पर गोली चलवाई थी। जमीन विवाद के चलते घायल युवक और सचिव दूसरे पक्ष का फंसाने की साजिश रच रहे थे। बदमाश सचिन फागूना 7 दिन पहले ही जेल से रिहा हुआ था। घटना गुरूवार-शुक्रवार की रात की है।
पुलिस अब उन लोगों के घर पहुंची जिन पर फायरिंग का आरोप लगाया था तो वह सभी घर पर ही मौजूद पाये गये। गांव वालों ने भी गवाही दी कि वह शाम से गांव में ही थे। इसके बाद घायल युवक से सख्ती से पूछताछ की गयी। जिसमें फर्जी फायरिंग की पूरी साजिश सामने आ गयी। एसएसपी धर्मवीर सिंह और एएसपी कृष्ण लालचंदानी ने शुक्रवार को झूठी वारदात का खुलासा किया। मामले में घायल बृजेश परिहार समेत साजिशकर्त्ता सचिन गुर्जर, अरूण गुर्जर, शेलू गुर्जर, मनोज कंसाना और एक अन्य के खिलाफ फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने व साजिश रचने की एफआईआर दर्ज कराई गयी।
क्या है मामला
पड़ाव थाना क्षेत्र में मरीमाता रोड पर प्रॉपर्टी डीलर बंटी कुशवाह निवासी नाका चंद्रवदनी ने 15 दिन पहले आधी रात में बाइक सवार युवक युवकों द्वारा गोली मारने की सूचना दी थी। गोली युवक के कंधे में लगी थी। घायल ने देवेंद्र कुशवाह, बृजमोहन व छोटू कुशवाह पर आरोप लगाया। वे अपने घरों पर ही मिल गए। इस पर खुद पर गोली चलवाने के मामले का खुलासा हुआ। बंटी ने मनीष वर्मा व अमर कुरेसिया से अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए खुद पर गोली चलाने का प्लान बनाया था। गोली चलाने के लिए पिस्टल आकाश कुशवाह ने दी थी। पुलिस ने मनीष, अमर व आकाश को घायल बंटी सहित षडयंत्र व जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर जेल भेज दिया।
वहीं हजीरा में 2 व महाराजपुरा में 1 फर्जी गोली कांड सामने आया था। शहर के हजीरा थाना क्षेत्र में विगत वर्ष अविनाश लोधी व मनीष बाथम को गोली लगने का मामला भी फर्जी निकला था। इस मामले में पुलिस ने षडयंत्र कर फर्जी मामला दर्ज कराने का केस दर्ज किया था और घायल व हमलावरों की गिरफ्तारी भी की गई थी। महाराजपुरा क्षेत्र में कृष्णा भदौरिया को गोली लगने का मामला भी फर्जी निकला था। पुलिस ने षडयंत्रकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
मोबाइल की रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा
घटना के बाद पुलिस टीम घायल बृजेश से अस्पताल में मिलने पहुंची। इस बीच जब पुलिस ने मनोज गुर्जर की भूमिका की जांच की तो उसके मोबाइल में बदमाश सचिन गुर्जर से हुई बातचीत की रिकॉडिंग मिली संदेह पर पुलिस ने मनोज को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान एक और महत्वपूर्ण सुराग मिला। सचिन गुर्जर के रिश्तेदार की काली स्कॉर्पियो घटनास्थल के आसपास देखे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद जब पुलिस ने मनोज से सख्ती से पूछताछ की तो पूरा फर्जी गोलीकांड बेनकाब हो गया। जांच में पता चला है कि सचिन और उसके साथियों ने योजना बनाकर बृजे/ा को गोली मारी, फिर उसके शरीर पर तौलिया बांधकर स्वयं ही डायल 100 पर कॉल किया और घटनास्थल से फरार हो गये। अब पुलिस पूरे षडयंत्र में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये दविश दे रही है।

