रायसेन पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों से ट्रक विक्रय करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश
भोपाल, – थाना कोतवाली जिला रायसेन पुलिस ने ट्रक धोखाधड़ी और कूटरचना के मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस प्रकरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, और जांच के दौरान फर्जीवाड़े से जुड़े ट्रक बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक रायसेन के निर्देशन में गठित 3 विशेष टीमों ने इस जटिल मामले की गहन विवेचना करते हुए अब तक दो ट्रकों को जब्त किया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
फरियादी दमोह निवासी द्वारा दिए गए आवेदन में बताया था कि उनके स्वामित्व के ट्रक को 2 व्यक्तियों ने विवाद कर कब्जे में ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने जाँच शुरू की और एक व्यक्ति को बुलाया , जिसने ट्रक को थाने में प्रस्तुत किया और दावा किया कि यह ट्रक उसके स्वामित्व का है ।
कूटरचना और गिरोह की पहचान
जाँच के दौरान, पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि ट्रक दो व्यक्तियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके मेमोरेंडम के आधार पर ट्रक को जप्त किया गया।
ट्रकों की जप्ती और गिरोह के तरीके का खुलासा
आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने बताया कि उसने और उसके साथी ने मिलकर कई ट्रकों पर फर्जी नंबर प्लेट और चेचिस नंबर लगवाए। मंडीदीप से बरामद ट्रक की जाँच में उसके इंजन और चेचिस नंबर भी अलग पाए गए। गिरोह के सदस्य फर्जी नंबर टंकित करने के लिए अपनी मशीनों का इस्तेमाल करते थे।
गिरोह के काम करने का तरीका
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह फर्जी NOC तैयार करता था और पुराने ट्रकों पर नए नंबर लगाकर उन्हें नए वाहनों के रूप में बेच देता था। गिरोह के सदस्य उत्तर -पूर्वी राज्यों से ट्रक खरीदकर उनके दस्तावेजों को बदलते और भोपाल आरटीओ में पंजीकृत कराते थे। इन ट्रकों को बिचौलियों के माध्यम से बेचा जाता था।

