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सीमा सुरक्षा बल, स्थापना दिवस समारोह का आयोजन

ग्वालियर लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर ग्वालियर – झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग – 44 पर सीमा सुरक्षा बल अकादमी (BSF )टेकनपुर की स्थापना बल के अधिकारियों को बुनियादी एवं इन सर्विस कोर्स के प्रशिक्षण हेतु हुई थी। अकादमी में बल के कार्मिकों के लिए घुड़सवारी, मोटर चालन, अश्रु गैस इकाई, आपदा प्रबंधन, श्वान प्रशिक्षण कोर्स, व भारत के राज्य तथा पड़ोसी देशों के पुलिस बलों के अधिकारियो के लिए लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते है।
01 दिसम्बर 2024 को सीमा सुरक्षाबल अकादमी टेकनपुर में सीमा सुरक्षा बल का 60वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है । स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर में दिनाक 26 नवंबर 2024 से 30 नवंबर 2024 तक विभिन्न कार्यकर्मों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमे मुख्यत 10 किलोमीटर दौड़, बेस्ट पॉलीथीन फ्री विंग/यूनिट की प्रतियोगिता, 19 किलोमीटर जागरूकता साइकिल रैली, सैनिक सम्मेलन तथा बावा द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों सहित कुकिंग कम्पटीशन का आयोजन किया जा रहा है। अकादमी में इस अवसर पर समस्त कार्मिकों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं बड़ेखाना का आयोजन किया जायेगा, जिसमें अकादमी के सभी पदस्थ अधिकारी अधीनस्थ अधिकारी तथा अन्य कार्मिक भाग लेंगे।सीमा सुरक्षा बल जिसे या “भारत की प्रथम रक्षा पंक्ति” के नाम से भी जाना जाता हैं विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है 1 दिसम्बर 2024 को बल अपना 60 वां स्थापना दिवस मना रहा है। 1 दिसम्बर 1965 को सीमा सुरक्षा बल की स्थापना केएफ रुस्तमजी (इंडियन पुलिस केडर) के नेतृत्व में हुई थी।
1965 तक पाकिस्तान के साथ भारत की सीमाओं की सुरक्षा राज्य सशस्त्र पुलिस बटालियन द्वारा की जाती थी। 1965 के भारत पाक यूद्ध के दौरान पाकिस्तान ने मुख्यतः कच्छ में 09 अप्रैल 1965 को सरदार पोस्ट, 4 बेट एवं बरिया बेट पर हमला किया। इस हमले से यह बात सामने आई कि राज्य सशस्त्र पुलिस बटालियन सशस्त्र आक्रमण का सामना करने में अपर्याप्त है जिसके कारण भारत सरकार को केंद्र के अधीन एक विशेष सीमा सुरक्षा बल की जरूरत महसूस हुई जो सशस्त्र और प्रशिक्षित बल होगा और पाकिस्तान सीमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी करेगा। इन परिस्थितियों में सचिवों की समिति की सिफारिशों के परिणामस्वरूप, सीमा सुरक्षा बल 1 दिसम्बर 1965 को अस्तित्व में आया।
1965 में कुल 25 बटालियन के साथ सीमा सुरक्षा बल का गठन हुआ और समय के साथ पंजाब, जम्मू व कश्मीर, नार्थ ईस्ट में आतंकवाद की रोकथाम के लिए सीमा सुरक्षा बल के संगठनात्मक ढांचे में भी विस्तार होता रहा और वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल की 193 बटालियन (04 एनडीआरएफ बटालियन सहित ) 07 आर्टी रेजिमेंट भारत- पाकिस्तान और भारत – बांग्लादेश की अन्तराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात है। इसके अतिरिक्त सीमा सुरक्षा बल का अपना एयर विंग (AIR WING), वाटर विंग (WATER WING) एवं कैमल विंग भी हैं। विगत वर्षों में पूर्वोत्तर में अलगाववाद, पंजाब और कश्मीर में आतंकवाद और वर्तमान में नक्सल विरोधी अभियान में सीमा सुरक्षा बल के योगदान का पूरा देश साक्षी हैं। अपनी उत्तम कार्यशैली और उपलब्धियों से सीमा सुरक्षा बल ने देश का मान बढ़ाया हैं। सीमा सुरक्षा बल प्रत्येक वर्ष यूएन मिशन में अपने कार्मिकों को भेजकर इस अभियान में सहयोग करती है। प्राकृतिक आपदाओं के समय सीमा सुरक्षा बल अपने तैनाती के इलाकों में सहायता उपलब्ध कराती है जैसे कि केदारनाथ त्रासदी (2013), कश्मीर बाढ (2014) एवं केरला बाढ (2018) ।

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