8वें वेतन आयोग में कर्मचारी का मिनिमम वेतन 34,560 और पेंशन 17,280 रूपये होगी

8वें वेतन आयोग के गठन की देशभर में मांग, बजट में नही था प्रावधान
नई दिल्ली. 8वें वेतन आयोग में यदि कर्मचारी यूनियन की मांग मान ली जाती है तो फिटमेंट फैक्टर को 1.92 किया जा सकता है। इसकी मदद से देश में सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन 18 हजार से बढ़कर 34 हजार 560 रूपये और मिनिमम पेंशन 17 हजार 280 रूपये तक पहुंच सकती है। इससे महंगाई की मार झेल रहे कर्मचारियों और पेंशनर्स को काफी राहत मिलेगी।
बजट 2024 से पहले कर्मचारी यूनियनों ने 8वें वेतन आयोग की मांग दोहराई थी। केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों और श्रमिकों को परिसंघ ने सरकार स केन्द्र के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और भत्तों को संशोधित करने के लिये 8वां वेतन आयोग बनाने की मांग की थी। यह जेसीएम की राष्ट्रीय परिषद (कर्मचारी पक्ष) द्वारा इसी तरहके आव्हान के बाद है। 8वां वेतन आयोग आमतौर पर 2026 में लागू होना है। लेकिन कोई आधिकारिक घोषणा नही की गयी है।
सरकार को तत्काल 8वें वेतन आयोग के गठन का एक और प्रस्ताव मिला है। कई कर्मचारी समितियों ने बार-बार केन्द्र सरकार से केन्द्र सरकार केकर्मचारियों और पेंशन भोगियों के मूल वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य लाभों को संशोधित करने के लिये 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग की है। भारत सरकार के कैबिनेट सचिव को संबाधित एक पत्र के लिये केन्द्रीय सरकार के कर्मचारी और श्रमिक परिसंघ के महासचिव एसबी यादव ने 8वें वेतन आयोग के गठन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली 18 महंगाई भत्ते को जारी करने और अन्य चीजों के अलावा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कोविड-19 महामारी के दौरान राहत देने की मांग की है। यह संयुक्त सलाहकार मशीनरी (जेसीएम) राष्ट्रीय परिषद (कर्मचारी पक्ष) द्वारा इसी तरह के आव्हान के बाद आया है जिसने पहले 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग उठ रही है।

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