Latestराज्य

MP बीजेपी में सब ठीक नहीं, सांसदों की मंत्री-विधायक से चल रही तकरार

भोपाल. मध्य प्रदेश भाजपा में सबकुछ ठीक चलता नजर नहीं आ रहा है। बीते कुछ दिनों में एक के बाद एक ऐसे तीन मामले सामने आ चुके है जो इस बात की ओर इशारा कर रहे है कि भाजपा में ऑल इज वेल वाली कंडीशन नहीं है और भाजपा के ही सांसदों की मंत्री-विधायक या स्थानीय नेताओं से तनातनी चल रही है। तकरार की तस्वीर साफ है और वार-पलटवार भी खुलकर हो रहे है। ऐसे में अब देखना है कि अंदरूनी खानों से निकलकर सामने आ चुकी इस तकरार को भाजपा संगठन कितनी गंभीरता से लेता है और क्या नसीहत देता है।
पहला मामला रीवा का है
सांसद जनार्दन मिश्रा और ज्यौंथर से भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी आमने-सामने आ गए है। इनके बीच तकरार की शुरूआत उस वक्त हुई जब एक कार्यक्रम के दौरान सांसद जनार्दन मिश्रा ने कांग्रेस के स्व. नेता श्रीनिवास तिवारी को लेकर विवादित बात कह दी। जनार्दन मिश्रा ने कहा कि तिवारी ने लूट, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार की राजनीति की है। अगर आज शहर की सडक में एक गड्ढा होता है तो अखबार की सुर्खियां बन जाता है लेकिन कभी यहां की सडकों पर गड्ढे ही गड्ढे हुआ करते थे। तब यहां के नेता श्रीनिवास तिवारी हुआ करते थे। वे यहां सर्वे-सर्वा माने जाते थे उनके लिए एक विशेष नारा भी दिया जाता था कि दादा न आहीं दऊ आए। वोट न देहा तऊ थे जो अपने कार्यकाल में शहर की सडकों के गड्ढे तक नहीं भरवा पाए। स्व. श्रीनिवास तिवारी त्यौंथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी के दादा थे लिहाजा उन्होंने सांसद के बयान पर आपत्ति जताई और कहा कि किसी दिवंगत नेता पर इस तरह की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है जिस नेता ने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा में न्यौछावर किया उसे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। इसके बाद भी सांसद जनार्दन मिश्रा नहीं रूके और फिर बयान दिया कि पोता बीजेपी में मर्ज हुआ है। बीजेपी पोते में मर्ज नहीं हुई है। जो सच है वो तो सूनना पडेगा, दादा ने लूट-पक्षपात और भ्रष्टाचार किया था तो किया था।
दर्शन सिंह v/s नरेन्द्र शिवाजी पटेल
दूसरा मामला नर्मदापुरम से सांसद दर्शन सिंह और मध्यप्रदेश सरकार के राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल का है। बीते दिनों रायसेन जिले के देवरी में शिक्षक दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में मंत्री नरेंद्र पटेल के साथ नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी को भी आमंत्रित किया गया था। आयोजन में दर्शन सिंह को ज्यादा सम्मान मिला, आमंत्रण पत्र पर भी सांसद का नाम ऊपर था, उनके नीचे मंत्री का नाम था। इससे मंत्री नरेन्द्र पटेल नाराज हो गए और उन्होंने निजी स्कूल की मान्यता खत्म करने का नोटिस डीईंओ के जरिए स्कूल संचालक को दिलवा दिया।
वीरेन्द्र खटीक v/s मानवेन्द्र सिंह
तीसरा मामला छतरपुर का है जहां केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र खटीक और भाजपा नेता मानवेन्द्र सिंह के तकरार चल रही है। मानवेन्द्र सिंह (भंवर राजा) ने मंत्री वीरेन्द्र खटीक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिनका जवाब देते हुए मंत्री वीरेन्द्र खटीक ने मानवेंद्र सिंह और उनके पूरे खानदान को खुली चुनौती दी है कि उन पर लगाए गए आरोपों को सिद्ध करें। इतना ही नहीं वीरेन्द्र खटीक ने ये भी कहा है कि बर्रैया के छत्ते में हाथ डाला है तो अब तैयार रहें। बता दें कि मानवेंद्र सिंह वर्तमान में बीजेपी के नेता हैं और उनके बेटे कामाख्या प्रताप सिंह महाराजपुर विधानसभा से विधायक हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink satın al holiganbet giriş holiganbet giriş pusulabet holiganbet kingroyal kingroyal giriş alobet holiganbet atlasbet betasus betasus giriş alobet alobet giriş holiganbet holiganbet giriş cratosroyalbet cratosroyalbet giriş matbet matbet giriş atlasbet betcio betplay holiganbet betcio piabet celtabet kulisbet kingroyal kingroyal giriş pancakeswap matbet matbet giriş pancakeswap perabet perabet giriş perabet perabet giriş perabet perabet giriş padisahbet holiganbet cratosroyalbet