भारत के 100 टोल प्लाजा की जायेगी ट्रैकिंग, अहम तकनीकी से शानदार होगी आपकी यात्रा

नई दिल्ली. नेशनल हाईवे ऑफ इंडिया (NHAI) ने हाल ही एक ज्योग्राफिक इंफोर्मेशन सिस्टम (GIS) आधारित सॉफ्टवेयर का टोल प्लाजाओं पर लागू करने की घोषणा की है। इस पहल का मकसद राष्ट्रीय राजमार्गो पर यातायात संचालन को ट्रैक करना है। ताकि यात्रियों के लिये बेहतर सुविधायें दी जा सके। लाइव मॉनीटरिंग और ट्रैकिंग सिस्टम से टोल प्लाजा पर वाहनों की लम्बीकतार को पहचान हो सकेगी और तय सीमा से अधिक होने पर भीड़भाड़ की चेतावनी और लेन डिस्ट्रीब्यूशन संबंधी अलर्ट देगा। एनएचएआई के अनुसार इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से करीब 100 टोल प्लाजा की निगरानी की जायेगी। इससे हाईवे को यातायात के प्रबंधन मेें टेक्नोलॉजी के उपयोग का बढ़ावा मिलेगा। जिसकी सहायता से आने वाले समय में यात्रियों केलिये और भी सुविधायें लागू की जा सकेगी।
टोल प्लाजा की मॉनीटरिंग हो सकेगी
जीआईएस तकनीक के उपयोग से एनएचएआई टोल संचालन की रियल -टाइम मॉनीटरिंग करेगा। इससे टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति से राहत मिलेगी। इस सॉफ्टवेयर द्वारा हासिल डेटा के एनालिसिस से और भी सुविधाओं को लागू किया जा सकेगा। अहम बात यह है कि इस नये सिस्टम से यात्रियों का समय बचाने पर फोकस किया जायेगा।
टोल प्लाजा पर आयेगी ट्रासपेरेंसी
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार इस एडवांस सिस्टम को अपनाने से टोल प्लाजा पर ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी तय की जा सकेगी। दरअसल, जीआईएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम ट्रैकिंग मूवमेंट्स के मैनेंजमेंट की दिशा में एक अहम फैसला है। आमतौर पर देखा जाता है कि टोल-प्लाजाओं पर वाहनों की लम्बी लाइनें लग जाती है। इससे न सिर्फ आम लोगों परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बल्कि अथॉरिटी को भी यातायात प्रबंधन में समस्या आती है। केन्द्र सरकार लगातार यात्रियों के लिये हाइवे पर बेहतर सुविधाओं पर फोकस कर रही है। मसलन, आने वाले समय में ट्रैफिक मूवमेंट्स के संबंध में और भी कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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