अगले वर्ष भव्यता के साथ आयोजित होगा चकरी मेला: महापौर
चकरी मेले में कलाकारों ने किया हैरतअंगेज प्रदर्शन
ग्वालियर – चकरी मेला सहित अन्य ग्रामीण परिवेश की कलाओं एवं खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से लोक परंपराओं को प्रोत्साहन हेतु नगर निगम ग्वालियर द्वारा विषाल चकरी मेले का आयोजन लाइन नम्बर 1 बिरला नगर पर आयोजित किया गया । जिसमें कलाकारों ने हैरतअंगेज प्रदर्शन करते हुए सभी दर्शकों का मन मोह लिया। चकरी मेले में महापौर डॉ. शोभा सतीश सिंह सिकरवार, पार्षद श्रीमती मीरा मानसिंह राजपूत, श्री महेन्द्र आर्य, श्री मनोज राजपूत, श्री देवेन्द्र राठौर, श्रीमती अंजना हरीबाबू शिवहरे, अपर आयुक्त श्री मुनीश सिंह सिकरवार, क्षेत्रीय अधिकारी श्री रामसेवक शक्य सहित बडी संख्या खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
हजीरा स्थित लाइन नम्बर 1 बिरला नगर पर आयोजित लोक कला महोत्सव के रूप में मनाए जाने वाले इस मेले के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत माला पहनाकर किया गया। इस अवसर पर महापौर डॉ. शोभा सतीश सिंह सिकरवार ने कहा कि परंपरागत ऐतिहासिक चकरी मेला इसी प्रकार प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा। अगले वर्ष और भव्य तरीके से चकरी मेले का आयोजन किया जाएगा। साथ ही कहा कि ग्रामीण परिवेश के खेलों को बढ़ावा देने एवं युवा पीढ़ी को जानकारी देने के लिए इस प्रकार के आयोजन निगम द्वारा हमेशा किए जाते हैं। खिलाडियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
मेले में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें चकरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके साथ ही सुदर्शन चक्र घुमाने की प्रतियोगिता, कलाकारों द्वारा 160 किलो की हसली गर्दन से उठाई गई। प्रतियोगिता के अंत में अव्वल आने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरुप पुरस्कार प्रदान किए गए।
इन कलाकारों को किया सम्मानित
चकरी घुमाने की प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में प्रथम पुरस्कार गत वर्ष के विजेता दिनेश राठौर को प्रदान किया गया। इनके द्वारा पहले राउन्ड में 127 एवं दूसरे राउंड में सर्वाधिक 98 राउन्ड चकरी घुमाई। वहीं इस वर्ग में द्वितीय पुरस्कार पवन राठौर एवं तृतीय पुरस्कार भूपेन्द्र राठौर को मिला। प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में ऋषभ राठौर को प्रथम एवं हेमंत राठौर को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
वहीं सुदर्शन चक्र घुमाने की प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार गुजरी अखाड़ा संचालक ताराचंद और उनकी टीम को एवं द्वितीय पुरस्कार बृजमोहन गोहर एवं उनकी टीम सुरेन्द्र गौहर, निखिल खरे, जीतेन्द्र गौर को प्रदान किया गया। वहीं 160 किलो की हसली गर्दन से उठाने की प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्रीतम सिंह पहलवान को, द्वितीय पुरस्कार रविन्द्र सिंह पहलवान को प्रदान किया गया। इसके साथ ही नाल उठाने की प्रतियोगिता में रामसेवक राजोरिया 100 किलो की नाल उठाये जाने पर प्रथम पुरस्कार एवं रविन्द्र सिंह द्वारा 90 किलो की नाल उठाये जाने पर द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया तथा सीने पर पत्थर तोडने की प्रतियोगिता में जयप्रकाश गोस्वामी को पुरस्कृत किया गया।

