MP की मुरैना सीट से जो एक बार जीता, वहीं दूसरी बार में जरूर हारा
मुरैना. चम्बल क्षेत्र की अहम सीटों में से एक मुरैना विधानसभा का राजनीतिक सफर बड़ा ही गजब रहा है। यहां प्रदेश की मुख्य पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के अलावा बीएसपी यानी 3 पार्टियों के बीच समीकरण देखने को मिलता है। इसके अलावा यहां विधायकों को लेकर अजब-गजब संयोग भी है। भाजपा के गढ़ माने जाने वाले मुरैना जिले में कुल 6 विधानसभा सीट है। जहां 2018 में चुनावी समीकरण बिगड़ गया है। कांग्रेस प्रत्याशियों ने बड़ी संख्या में वोट्स के साथ अपनी जीत दर्ज की। मुरैना विधानसभा सीट का एनालिसिस
जातिगत समीकरण
मुरैना विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो यह गुर्जर बाहुल्य सीट है। हालांकि, यहां गुर्जर, ब्राह्मण और अनुसूचित जाति के मतदाता प्रत्याशियों की हार-जीत का फैसला करते हैं।
यहां करीब 30 से 35 हजार ब्राह्मण मतदाता हैं.
40 से 45 हजार जाटव समाज के वोटर्स हैं.
44 से 50 हजार गुर्जर मतदाता हैं.
20 से 25 हजार वैश्य समाज के वोटर्स हैं.
12 से 15 हजार क्षत्रिय वोटर्स हैं.
12 से 15 हजार मुसलमान हैं.
मतदाताओं की संख्या
मुरैना विधानसभा सीट में ककुल मतदाताओं की संख्या 250298
पुरूष मतदाता की संख्या 138279
महिला मतदाताओं की संख्या 112005
अन्य वोटर्स की संख्या 14
कब किसने किया कब्जा
– 1957 में कांग्रेस से यशवंत सिंह
– 1962 में जनता पार्टी के जबर सिंह
– 1967 में भारतीय जनसंघ के जे सिंह
– 1972 में भारतीय जनसंघ से महाराज सिंह
– 1977 में फिर जनता पार्टी से जबर सिंह
– 1980 में कांग्रेस प्रत्याशी महाराज सिंह
– 1985 में भाजपा के जहर सिंह
– 1990 में भाजपा के सेवाराम गुप्ता
– 1993 में कांग्रेस के सोवरन सिंह
– 1998 में भाजपा से सेवाराम गुप्ता
– 2003 में भाजपा प्रत्याशी रुस्तम सिंह
– 2008 में बसपा के परशुराम मुदगल
– 2013 में भाजपा प्रत्याशी रुस्तम सिंह
– 2018 में कांग्रेस के रघुराज सिंह कंसाना
– 2020 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के राकेश मावई जीत गए
आगामी विधानसभा चुनाव की बात करें तो अब तक मुरैना सीट के लिए प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं हुआ है। इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला है। हालांकि, बसपा भी समय-समय पर यहां सियासी समीकरण बनाती-बिगाड़ती नजर आई है। इस बार आम आदमी पार्टी भी यहां कड़ा मुकाबला दे सकती है क्योंकि AAP ने वर्तमान पार्षद रमेश उपाध्याय को टिकट दे दिया है।

