मुरैना पहाड़गढ के ईश्वरा महादेव के आसमान में टकराये ट्रेनर सुखोई और मिराज, 2 पायलट ने पैराशूट से जम्प कर उतरे, मिराज के पायलट शहीद

ग्वालियर. महाराजपुरा एयरबेस से 110 किमी दूर सुबह 9.38 बजे मिराज और ट्रेनर सुखोई फायटर प्लेन रूटीन प्रेक्टिस उड़ान भरने के 20 मिनट के बाद एक्सरसाइज के दौरान आपस में टकरा गये जिससे दोनों क्षतिग्रस्त हो गये। मिराज-2000 के पायलट स्क्वाड्रन लीडर हनुमंतराव सारथी की मौके पर ही मौत हो गयी। ट्रेनर सुखोई फायटर प्लेन के दोनों ने रिहायशी इलाके बचाते हुए पहाड़गढ़ के ईश्वरा महादवे के जंगल में सुखोई फायटर प्लेन के दोनों स्क्वाड्रन लीटर विजय पाटिल और मिथान पीएम ने प्लेन इजेक्ट कर पैराशूट से जम्प कर गये। सुखोई आगे निकल कर भरतपुर के थाना कुच्चैन के इलाके के पीला नंगला के जंगल में जा गिरा।

क्या है पूरा मामला
भारतीय वायुसेना के 2 लड़ाकू विमान सुखोई-30 और मिराज 2000 दोनों एक साथ ग्वालियर महाराजपुरा एयरबेस से सुबह 9.20 बजे रूटीन एक्सरसाइज के लिये उड़ान भरी थी जो मुरैना के आसमान में टकरा गये। इसके बाद दोनों आग का गोला बन गये। मिराज 2 टुकड़ों में बंटकर मुरैना के पहाड़गढ के ईश्वरा महादेव के पथरीले जंगल में गिरा। सुखाई वहां से लगभग 90 किमी दूर (आसमानी दूरी 40 किमी) राजस्थान के भरतपुर के थाना कुच्चैन के पीला नंगला के जंगल में गिरा। सुखाई-30 के दोनों पहाड़गढ़ के ईश्वरा महादवे के जंगल में सुखोई फायटर प्लेन के दोनों स्क्वाड्रन लीटर विजय पाटिल और मिथान पीएम ने प्लेन इजेक्ट कर पैराशूट से जम्प कर गये। जिन्हें घायलावस्था में ग्रामीणों ने झाडि़यों से निकाल कर जमीन पर लेटा दिया था लगभग 20 मिनट वायुसेना का लिफ्ट कर ग्वालियर एमएच अस्पताल में भर्ती करवा दिया। वही मिराज लड़ाकू विमान के स्क्वाड्रन लीडर हनुमतराव सारथी की मौके पर ही मौत हो गयी। वायुसेना ने घटना की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिये है। हालांकि वायुसेना ने देर रात हनुमंतराव सारथी को मृत घोषित कर दिया।

स्क्वाड्रन लीडर हनुमंतराव सारथी के हवा में हुए शरीर के टुकडे
पहाड़गढ़ के ग्रामीणों ने बताया कि मिराज लड़ाकू विमान के पायलट हनुमंतराव सारथी की बॉडी से हवा में ही हाथ और पैर अलग गिरा और सिर को शाम को काफी देर बाद मिला। वायुसेना की टीम के लोग काफी देर बॉडी पॉर्ट कलेक्ट करते हुए देखे गये।

सुखोई 30 के मलबे से घायल हुई महिला
भरतपुर में गिरे सुखाई 30 के विंग्स मिराज से टकराने के बाद ही टूट गये थे और दोनो पायलट इजेक्ट कर गये थे। बिना पायलट के सुखोई मुरैना से 90 किमी दूर नगला चक बीजा में जा गिरा जिसमें एक महिला इसकी चपेट में गयी और घायल हो गयी। ग्रामीणों ने आग को मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया और बाद में दमकल ने आग पर काबू पा लिया।

घटनास्थल पर पहुंचे संभागायुक्त और एडीजी
ग्वालियर से हादसे की स्थिति का निरीक्षण करने के लिये संभागायुक्त दीपक सिंह, एडीजीपी राजेश चावला, मुरैना कलेक्टर और एसपी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण कर मौके से लौट गये।

