LatestNewsराजनीतिराज्यराष्ट्रीय

पुलिस को चकमा देने में एक्सपर्ट हैं मेवाती गैंग, गैंग शहर में एटीएम काटने कर गांव के रास्ते से हो जाती हैं फरार

बदमाशों से बरामद कैश जो एटीएम काटकर लूटा थाग्वालियर. ग्वालियर और चम्बल संभाग में एसबीआई के एटीएम काटकर लाखों रूपये लूटने गैंग पुलिस के लिये चुनौती बने। अभी तक ग्वालियर पुलिस एक बदमाश को दो बदमाशों को दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और अभी 3 सदस्य फरार है। यह मेवाती गैंग है और बेहद शांतिर है। पुलिस को चकमा देने में माहिर है। यह गैंग शहर में घटना को अंजाम देकर और गांव के रास्ते से दूसरे गांव से होते हुए दूसरे शहर निकल जाते है। एटीएम काटने के बाद पुलिस हाइवे टोल पर इनके सीसीटीवी फुटेज तलाशती रह जाती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ था। ग्वालियर के बाद मुरैना में गैंग ने घटना को अंजाम दिया और आखिरी लोकेशन मुरैना में ही मिली थी। इसके बाद पुलिस को उनकी कोई लोकेशन नहीं मिली थी। वह तो एटीएम काटने के तरीका मेवाती होने पर पुलिस उन तक आसानी से पहुंच गयी है।
पुलिस ने दबोचा इन बदमाशों को
ग्वालियर-मुरैना में 10 जनवरी की रात को एसबीआई के 3 एटीएम काटने वाली गैंग के 6 सदस्यों की है। ग्वालियर में 5 मुरैना में 6 बदमाशों ने एटीएम काटने की घटना को अंजाम दिया था। सभी वारदातें हरियाणा के नूह मेवात के सुनाना व ताबडू शहर के बदमाशों ने की थी। यह गैंग दिल्ली, महाराष्ट्र व आगरा में भी वारदात कर चुकी है। इस वारदात में शामिल 2 बदमाशों सोहराब और सब्बा, समीर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने गिरफ्तार किया तो एक बदमाश यशवीर गुर्जर को धौलपुर राजस्थान से ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ग्वालियर-चम्बल अंचल में 3 में यशवीर की मुख्य भूमिका रही है। अभी 3 बदमाशों की अभी दिल्ली, मुरैना और ग्वालियर पुलिस को तलाश है।
मेवाती गैंग निशाने पर एसबीआई के एटीएम क्यों
पुलिस के हाथ एसबीआई के एटीएम काटकर कैश लूटने वाली गैंग के 3 सदस्य लग चुके हैं। 2 सदस्य दिल्ली तो एक ग्वालियर पुलिस के हाथ लगे हैं। इन बदमाशों से एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि मेवाती गैंग के टारगेट पर सिर्फ एसबीआई के एटीएम हुआ करते थे। गैंग को पता था कि एसबीआई के एटीएम में सिंगल कोड मेटल रहता है। उन्हें काटने में 15 से 18 मिनट का समय लगता था, जबकि अन्य प्रायवेट बैंक के एटीएम में डबल कोड मेटल रहती है। इसलिये उन्हें काटने में डेढ़ घंटा से भी अधिक लग जाता था इसलिये यह स्टेट बैंक को ही टारगेट करते थे।

तिहाड़ जेल में बना था यह नया गैंग
पूछताछ में पता लगा है कि यसवीर गुर्जर साल 2022 में चोरी के मामले में तिहाड़ जेल में बंद था। वह तीन बार तिहाड़ में सजा काट चुका है। वहीं उसकी पहचान समीर, सब्बा उर्फ सोहराब से हुई थी। वह ATM काटने में एक्सपर्ट थे। तिहाड़ में दोनों के बीच अच्छा खासी दोस्ती हो गई थी। इसके बाद ग्वालियर-चंबल अंचल के इलाकों में वारदात की जिम्मेदारी यसवीर को दी गई थी। धौलपुर का होने के कारण यशवीर को ग्वालियर-मुरैना के इलाकों की अच्छी खासी जानकारी थी। ग्वालियर में एक व्यापारी के यहां यसवीर ड्राइवर रह चुका था। इसलिए उसे यह भी पता था कि कहां-कहां स्टेट बैंक के ATM हैं।
पुलिस का कहना
एसएसपी ग्वालियर अमित सांघी ने बताया कि ATM लूट की वारदात को अंजाम देने वाले एक आरोपी को धौलपुर से क्राइम ब्रांच ने पकड़ा है। बदमाश गांव के रास्ते भागने में माहिर थे। इतना ही नहीं इनके टारगेट पर स्टेट बैंक के ATM हुआ करते थे। अब इससे पूछताछ की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink satın al vaycasino vaycasino giriş pusulabet pusulabet giriş perabet imajbet imajbet giriş perabet perabet giriş norabahis giriş pashagaming betcio betcio norabahis holiganbet holiganbet holiganbet holiganbet meritking jojobet norabahis matbet matbet giriş grandpashabet perabet perabet giriş kingbetting restbet lunabet restbet giriş holiganbet holiganbet giriş bettilt bettilt giriş matbet matbet giriş norabahis norabahis giriş kingbetting giriş lunabet giriş holiganbet