दुष्कर्म पीडिता को थाने में पीटने का मामला-CBI की खात्मा रिपोर्ट न्यायालय ने की नामंजूर, आरोपियों को 10 दिसम्बर को न्यायालय में करे पेश

ग्वालियर. नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में थाना में पुलिस के सामने उससे मारपीट करने वाले 3 आरोपियों को CBI ने आरोप मुक्त करते हुए खात्मा रिपोर्ट (क्लोजर रिर्पाट) जिसे न्यायालय ने नामंजूर कर दिया है। इतना ही नहीं विशेष सत्र न्यायालय ने CBI की खात्मा रिपोर्ट को पीडि़ता के बयान के बाद अस्वीकार करते हुए मामले को स्वतः संज्ञान में लेकर आरोपियों ( गंगासिंह भदौरिया, आदित्य व रामवीर सिंह) के गिरफ्तार वारंट जारी कर 10 दिसम्बर को तीनों को न्यायालय ने तलब किया है। CBI ने इस केस की जांच हाईकोर्ट के आदेश पर की थी। CBI ने अपनी रिपोर्ट में दुष्कर्म व मारपीट की पुष्टि नहीं की थी।

यह है पूरा मामला
15 साल की एक नाबालिग ने 31 जनवरी 2021 को CM हेल्पलाइन पर दुष्कर्म की शिकायत की थी। इसके बाद ग्वालियर की मुरार पुलिस उसे थाने लेकर आई। यहां पर उसने बताया कि सीपी कॉलोनी निवासी गंगा सिंह भदौरिया के मकान में वह झाड़ू-पोंछा का काम करती थी। 20 दिसंबर 2020 से उसे काम पर रखा था। घर के ग्राउंड फ्लोर पर ही रहती थी। 31 जनवरी की रात 8 बजे गंगा सिंह का नाती आदित्य भदौरिया और उसके एक दोस्त ने मेरे दरवाजा पर दस्तक दी। जब दरवाजा खोला तो आदित्य और उसके दोस्त कमरे में आ गए। इन्होंने मेरे साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वहां से धमकाकर भाग गए। पुलिस ने आदित्य व उसके दोस्त पर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। पर मामला दर्ज होने का पता चलते ही आरोपी आदित्य भदौरिया का दादा व ठेकेदार गंगा सिंह भदौरिया थाने पहुंचा। उसके बाद पुलिस ने उल्टा पीड़िता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने कहा था कि उसे थाने में रात भर झाड़ू और डंडे से पीटा। उसके मां-पिता को थाने में बंधक बनाकर पुलिस ने पीटा। इसमें TI मुरार अजय पवार, सब इंस्पेक्टर कीर्ति उपाध्याय पर सीधा आरोप लगा था।
CBI की खात्मा रिपोर्ट को न्यायालय ने किया नामंजूर
CBI ने दुष्कर्म के मामले में पीडि़त नाबालिग के साथ हुई मारपीट और दुष्कर्म की जांच की जिसमें दुष्कर्म के केस को झूठा पाया गया। इस केस के आरोपियों गंगासिंह भदौरिया, आदित्य सिंह और रामवीर को क्लीन चिट दे दी है। पीडि़त नाबालिग अपने अधिवक्ता रबी त्रिपाठी के साथ विशेष न्यायालय में उपस्थित हुई। उसने दुष्कर्म व मारपीट का आरोप लगाया। इस आधार पर कोर्ट ने खात्मा रिपोर्ट अस्वीकार कर दी और साथ्ी ही तीनों आरोपियों के गिरफ्तारी वांरट जारी कर 10 दिसम्बर को न्यायालय में उपस्थित होने के लिये कहा है।

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