तानसेन समारोह-2022- ग्वालियर में 18 से 23 दिसम्बर तक तानसेन समारोह होगा, कुल 9 संगीत सभायें होंगीं

शास्त्रीय संगीत का देश का सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव ‘तानसेन समारोह’ संगीत की नगरी
ग्वालियर गौरवमयी तानसेन समारोह को और भव्यता प्रदान करें। साथ ही इस समारोह को जनता की सहभागिता के साथ आयोजित करें। यह बात ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने तानसेन समारोह की तैयारियों के सिलसिले में आयोजित हुई स्थानीय समिति की बैठक में तानसेन समारोह के आयोजन से जुड़े अधिकारियों से कही। तानसेन समारोह की स्थानीय समिति की बैठक गुरूवार को ऊर्जा मंत्री की विशेष मौजूदगी एवं संभाग आयुक्त दीपक सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
तानसेन सम्मान एवं राजा मानसिंह तोमर अलंकरण
भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश का सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन समारोह” संगीत की नगरी ग्वालियर में इस साल 18 से 23 दिसम्बर तक आयोजित होगा। यह सालाना समारोह भारतीय संगीत की अनादि परंपरा के श्रेष्ठ कला मनीषी संगीत सम्राट तानसेन को श्रद्धांजलि व स्वरांजलि देने के लिये पिछले 97 साल से आयोजित हो रहा है। इस साल के तानसेन समारोह में मूर्धन्य कलाकारों को राष्ट्रीय तानसेन सम्मान एवं राजा मानसिंह तोमर अलंकरण भी प्रदान किए जायेंगे।
संभाग आयुक्त श्री दीपक सिंह ने बैठक में उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक से कहा कि पर्यटन विभाग से समन्वय बनाकर तानसेन समारोह का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा यू-ट्यूब सहित सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों का उपयोग कर देश व दुनियाभर में व्यापक प्रचार-प्रसार कराएँ, जिससे दुनियाभर के संगीत रसिक इस महोत्सव का आनंद ले सकें। साथ ही ग्वालियर के पर्यटन को बढ़ावा मिले। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस व नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि तानसेन समारोह की सभी व्यवस्थायें उच्च कोटि की एवं समारोह की गरिमा के अनुरूप हों।
पूर्व संध्या पर कला यात्रा और “गमक” का अयोजन
संस्कृति विभाग की उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी के उप निदेशक राहुल रस्तोगी ने बताया कि तानसेन समारोह की पूर्व संध्या यानि 18 दिसम्बर को ग्वालियर के ऐतिहासिक किलागेट से कला यात्रा निकलेगी। इस कला यात्रा में लोक कलाकार रंगारंग प्रस्तुतियाँ देते हुए “गमक” आयोजन स्थल पहुँचेंगे। उन्होंने बताया कि हजीरा चौराहे के समीप स्थित इंटक मैदान में उप शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम “पूर्वरंग” गमक होगा। जिसमें हर साल की भाँति देश के सुविख्यात कलाकारों की प्रस्तुति होगी।
कुल 9 संगीत सभायें होंगीं
उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी के उप निदेशक ने बताया कि तानसेन समारोह का शुभारंभ पारंपरिक ढंग से 19 दिसम्बर को प्रात:काल तानसेन समाधि स्थल पर हरिकथा, मिलाद, शहनाई वादन व चादरपोशी के साथ होगा। 19 दिसम्बर को सायंकाल 6 बजे तानसेन एवं राजा मानसिंह तोमर अलंकरण समारोह और पहली संगीत सभा आयोजित होगी। इस बार के समारोह में कुल 9 संगीत सभायें होंगी। पहली 7 संगीत सभायें सुर सम्राट तानसेन की समाधि एवं मोहम्मद गौस के मकबरा परिसर में भव्य एवं आकर्षक मंच पर सजेंगीं। समारोह की आठवीं सभा 23 दिसम्बर को सुर सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट में और नौवीं एवं आखिरी संगीत संभा ग्वालियर किले पर गूजरी महल परिसर में आयोजित होगी। समारोह की प्रात:कालीन सभा हर दिन प्रात: 10 बजे और सांध्यकालीन सभा सायंकाल 6 बजे शुरू होंगीं।
गूजरी महल में भी गूँजेंगी महिला कलाकारों की स्वर लहरियाँ
इस साल के तानसेन संगीत समारोह की अंतिम संगीत सभा किला परिसर में होगी। यह सभा शास्त्रीय संगीत के महान पोषक राजा मानसिंह तोमर की प्रेयसी मृगनयनी के नाम से बने गूजरी महल परिसर में सजेगी। यह सभा महिला संगीतकारों पर केन्द्रित रहेगी अर्थात सभा में सभी महिला कलाकारों की प्रस्तुतियाँ होंगीं।
संगीत विश्वविद्यालय में होगा वादी-संवादी का आयोजन
हर साल के तानसेन समारोह की तरह इस बार भी संगीत का ककहरा सीख रहे विद्यार्थियों के लिये वादी-संवादी कार्यक्रम का आयोजन होगा। राजा मानसिंह तोमर संगीत कला विश्वविद्यालय में यह आयोजन होगा।

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