भाजपा नेता राकेश जादौन एवं तत्कालीन सीईओ तरूण भटनागर पर लोकायुक्त प्रकरण दर्ज
ग्वालियर. विशेष क्षेत्र प्राधिकरण (साडा) के तत्कालीन अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के नेता राकेश जादौन और तत्कालीन सीईओ व वर्तमान में निवाड़ी कलेक्टर तरूण भटनागर IAS एवं अन्य के खिलाफ विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन ग्वालियर द्वारा जांच उपरांत पद के दुरूपयोग का भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंर्तगत अपराधि प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है कि साडा के मास्टर प्लान में बदलाव कर शासन को एक करोड़ रूपये से ज्यादा के राजस्व की हानि पहुंचाई गयी है।
लोकायुक्त एसपी रामेश्वर यादव ने बताया कि आवेदक संकेत साहू निवासी घासमंडी मुरार ने 20 जनवरी 2020 को आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था कि ग्वालियर के साडा अध्यक्ष राकेश जादौन एवं साडा के सीईओ तरूण भटनागर ने अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलकर अधिकार न होने के बावजूद रायरू डिस्टलरी को 26.99 हैक्टर आवासीय एवं सार्वजनिक ने अर्द्ध सार्वजनिक लैण्डयूज की जमीन पर साडा के अधिकारियों ने विस्तार के लिये नियम विरूद्ध अनुमति दी एवं शराब फैक्ट्री के लिये मास्टर प्लान में भी बदलाव कर दिया। जिससे शासन को 1 करोड़ 7 लाख रूपये के राजस्व की हानि हुई है।
अध्यक्ष, CEO के सामने लाया गया था प्रस्ताव
– इस आवेदन को उपयंत्री नवल सिंह द्वारा 14 लाख 4 हजार रुपए की फीस जमा कराने का प्रस्ताव CEO साडा के सामने लाया गया था। यह आवेदन 7 मई 2016 को लाया गया था। इसके बाद यह शुल्क जमा कराने के लिए पत्र जारी कर दिया गया था। इसके बाद 10 जून 2016 को यह शुल्क जमा कराने के बाद उपयंत्री, CEO और साडा अध्यक्ष के अनुमोदन के लिए प्रस्ताव बनाकर वापस भेजा गया। जिस पर सभी ने अनुमोदन कर दिया गया, जो कि गलत है। क्योंकि यह जमीन साडा की आवासीय वाणिज्यिक, सार्वजनिक मार्ग व हरित क्षेत्र के उपयोग की जमीन थी। इस पर शराब फैक्ट्री के निर्माण की अनुमति देना न तो अध्यक्ष न ही CEO के अधिकार क्षेत्र मंें था, लेकिन नहीं इसकी अनुमति दी गई। इसके लिए साडा के मास्टर प्लान मंे भी छेड़छाड़ की गई। इससे सरकार को करीब एक करोड़ जिससे उन पर कोई सवाल खड़े न कर सके। यही बात को सामाजिक व आरटीआई कार्यकर्ता संकेत साहू ने उठाया था। वह साल 2017 से इस मामले में मामला दर्ज कराने के लिए लड़ रहे थे।
इस मामले में FIR राजनीतिक प्रतिद्वंदिता का नतीता है अगले साल चुनाव है तो राजनीतिक दांव पेंच लगाने की सही मौका है ये जगजाहिर भी है कि साडा के ही अध्यक्ष रहे एक और BJP नेता पर भी साडा मामले में FIR दर्ज हुई थी वो अध्यक्ष मानकर चल रहे है कि इसमें इन अध्यक्ष की भूमिका रही है।

