Latestराज्यराष्ट्रीय

गृहमंत्री अमित शाह ने भोपाल में टटोला टॉप लीडरशिप का मन, वन टू वन बात की

भोपाल. मध्यप्रदेश के सियासी गलियारों में फिर हलचल है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भोपाल में प्रदेश की टॉप लीडरशिप से वन टू वन बात की है, जिसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। उधर, इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में काम करने की बात करके सबको चौंका दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री शाह के भोपाल दौरे से पहले माना जा रहा था कि विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी प्रदेश में कोई बड़ा कदम उठाने वाली है।

शिवराज ने कहा था – ‘मुझे बिल्कुल भी घमंड नहीं है कि मैं ही योग्य हूं। पार्टी मुझे दरी बिछाने का काम देगी तो राष्ट्र हित में यह भी करूंगा। पार्टी कहेगी कि जैत (मुख्यमंत्री का गृह गांव) में रहो तो वहां रहूंगा। पार्टी कहेगी कि भोपाल में रहो तो वहां रहूंगा। राजनीति में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं होना चाहिए। बीजेपी एक विशाल परिवार है। इसके प्रवाह में कोई आगे बढ़ता है तो कोई बाहर आता है। केंद्रीय स्तर पर एक टीम होती है जो यह तय करती है कि किसे, क्या काम करना है। जैसे हम प्रदेश में तय करते हैं।’ गौरतलब है कि शाह के दौरों के ठीक पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत भोपाल आए थे। जानकार इसे भी सियासत से जोड़कर देख रहे हैं, क्योंकि इन दौरों के बाद ही संसदीय बोर्ड में 9 साल से जमे एकमात्र मुख्यमंत्री शिवराज को हटा दिया गया था।

शाह ने टॉप लीडर्स से वन-टू-वन मीटिंग की
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने आए गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश के टॉप लीडर्स के साथ वन-टू-वन मीटिंग की है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ लगभग आधे घंटे तक मीटिंग की। इसके बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी चर्चा की। संगठन मंत्री हितानंद शर्मा से भी अलग से बात की। शाह ने राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी अलग से समय दिया। सवाल यह है कि आखिर शाह ने टॉप लीडर्स से वन-टू-वन मीटिंग क्यों की। वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक अरुण पटेल कहते हैं- अमित शाह ने मप्र में अगले साल होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए फीडबैक जरूर लिया। मध्यप्रदेश में फिलहाल बदलाव के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। गौरतलब है अप्रैल में जब वे भोपाल आए थे, तब उन्होंने संगठन की बजाय सत्ता में शामिल नेताओं से बात की थी। इस बार उन्होंने सिर्फ प्रदेश के 4 बड़े नेताओं से ही मुलाकात की है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink satın al jojobet jojobet giriş instagram unban service instagram unban service matbet matbet bahiscasino betsat betsat pashagaming pashagaming