Gwalior DRDE लैब का दायरा 200 से 50 मीटर हुआ , अब निर्माण अनुमति भी देगा निगम
ग्वालियर. रक्षा अनुसंधान एवं विकास स्थापना (डीआरडीई) के 200 मीटर के दायरे में आने वाली दस हजार करोड़ की संपत्तियों को अंतिम तौर पर राहत मिल गई है। भारत सरकार ने डीआरडीई लैब का दायरा 50 मीटर किए जाने का नोटिफिकेशन प्रकाशित कर दिया है। अब सरकारी और निजी संपत्तियों पर कोई खतरा नहीं रहेगा। लंबे समय से डीआरडीई के दायरे में आने वाली संपत्तियों के मालिक मुसीबत में फंसे थे जिसमें लंबी कवायद चलने के बाद आखिरकार अच्छी खबर मिल गई। वहीं अब जो पचास मीटर का दायरा है उसमें सोलह संपत्ति शामिल हैं जिनमें नगर निगम का मुख्यालय भी शामिल है। इसको लेकर ग्वालियर कलेक्टर डीआरडीओ को पत्र भी लिख चुके हैं। अब नगर निगम निर्माण अनुमति भी जारी करेगा। इससे पहले अभी तक अनुमति जारी करने पर रोक थी।
ज्ञात रहे कि हाईकोर्ट ने डीआरडीई के 200 मीटर के दायरे में बनी सरकारी व निजी इमारतों पर कार्रवाई कर हटाने के आदेश दिए थे। यह करीब दस हजार करोड़ की संपत्तियां हैं जिसके बाद लोग संकट में आ गए। शासन ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। इसके बाद शासन ने डीआरडीई लैब को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए जमीन भी दे दी। 143 एकड़ जमीन आवंटित की गई है जिसमें अब नई विश्वस्तरीय लैब का प्लान किया जा रहा है। डीआरडीई का प्रतिबंधित क्षेत्र 200 से घटाकर 50 मीटर करने को लेकर राजस्व की टीम ने सर्वे किया था। सर्वे में संपत्तियों का निर्धारण किया जा रहा था। इस 50 मीटर दायरे में आने वाली 16 सरकारी संपित्तयां में निगम आफिस,एजी आफिस पुल, वर्कशाप, रेलवे लाइन, गोदाम, क्वार्टर, बाल भवन, टेनिस कोर्ट, स्टेडियम आ रहे हैं। साथ ही करीब 10 निजी संपत्तियों का आगे का हिस्सा भी इस दायरे में है।

