केंद्र सरकार ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, रीवा और जबलपुर 5 जीनोम सीक्वेंसिंग की मशीनें देगी
भोपाल. मध्यप्रदेश को जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट का इंतजार खत्म हो जाएगा। केंद्र सरकार प्रदेश को 5 जीनोम सीक्वेंसिंग मशीन देगी। ये मशीनें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा के मेडिकल कॉलेजों में लगाई जाएंगी। इससे समय पर रिपोर्ट मिलने से संक्रामक वैरिएंट के मरीजों को आइसोलेट करने में मदद मिलेगी। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 19 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। सबसे ज्यादा केस इंदौर में 7 मिले हैं। इसके बाद भोपाल में 5 पॉजिटिव आए हैं। इसके अलावा जबलपुर में 3, उज्जैन में 2, होशंगाबाद और सिंगरौली में 1-1 पॉजिटिव मिला है। प्रदेश में 124 दिन बाद 150 से ज्यादा एक्टिव केस आए हैं। इसके पहले 7 अगस्त को 156 और 9 अगस्त को 148 एक्टिव केस थे।
इंदौर में रेमडेसिविर लगाने पड़ रहे
डॉ. सलिल भार्गव के मुताबिक इंदौर के MRTB अस्पताल में 10 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें 7 साल के बच्चे से लेकर 65 साल के बुजुर्ग तक शामिल हैं। पहले 2 या 3 मरीज ही आ रहे थे, कुछ दिनों से इनकी संख्या बढ़ गई है। इन्हें सर्दी-खांसी और बुखार के लक्षण हैं। एक मरीज को डायबिटीज है, उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन देने के साथ खास ध्यान रखा जा रहा है। इंदौर में 8 दिन में 41 केस मिल चुके हैं।
केंद्र सरकार देगी 5 मशीनें
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात की। सारंग ने बताया कि केंद्र सरकार 5 जीनोम सीक्वेंसिंग की मशीनें देगी। सारंग ने कहा कि अभी जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए रिपोर्ट दिल्ली भेजना पड़ता है, जिसकी रिपोर्ट आने में समय लगता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मांडविया ने मशीनें देने की स्वीकृति दी है। सारंग ने बताया कि ये मशीनें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा और जबलपुर मेडिकल कॉलेज में लगवाई जाएगी। साथ ही, सारंग ने कहा कि इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर भोपाल में भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू होगा।

