हरी टर्फ की अपेक्षा नीली टर्फ अधिक पानी सोख कर रखती है, पूरे विश्व के हॉकी स्टेडियम में नीली टर्फ है, 15 दिन में कंपलीट हो जायेगी

ग्वालियर. टोक्यों ऑलम्पिक 2020-21 (Tokyo olympics 2021) में उपयोग में लायी गयी एस्ट्रो टर्फ ही ग्वालियर की महिला हॉकी अकादमी में 101.4 x64.2 मीटर की बिछाई जा रही है जोकि (environment) फ्रेंडली और कम पानी में बेहतर (Performance) परफॉर्मेन्स देती है। नयी तकनीकी पोलिटेन टर्फ में गन्ने के रेशे के उपयोग कर तैयार की गयी है। वर्तमान बदली परिस्थितियों में खिलाडि़यों को बहुत ही सपोर्ट् करती है क्योंकि अब पूरे विश्व में नीली एस्टोटर्फ (Astroturf) ही हॉकी स्टेडियम में उपयोग में लाई जा रही है यह जानकारी दिल्ली (Delhi) के एडवांस्ड स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजीज मैनेजर उमेश शर्मा ने दी। आगे उन्होंने बताया कि मुझे 10 वर्ष का अनुभव के मुताबिक अपनी कंपनी की ओर से लगभग 25 एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में लगा चुका हूं।

बेहतर परफॉरमेंस देती है हरी टर्फ की अपेक्षा नीली टर्फ
कम पानी हरी टर्फ की अपेक्षा 30% कम पानी में बेहतर परफॉरमेंस देती है और टर्फ पोलिटेन के नाम से जानी जाती है। नीली टर्फ के रेशे हरी टर्फ की अपेक्षा काफी सॉफ्ट होते है। अब इस पर खिलाड़ी प्रेक्टिस करता है तो उसकी आंखें सेट हो जाती है और जब वह दूसरे देश में जा कर खेलेगा तो उसे परेशानी नहीं आयेगी क्योंकि वह पहले से नीली टर्फ पर प्रेक्टिस कर रहा था। नीली टर्फ की विशेषता है कि अपने भीतर हरी टर्फ की अपेक्षा बहुत देर पानी सोख कर रखती है।
बेहतर देख रेख और साफ पानी उपयोग करें तो टर्फ जिन्दगी 10 साल
उमेश ने बताया कि इस पर धूल मिट्टी से बचा कर रखें और साफ पानी उपयोग करें तो कंपनी की ओर से ही 7 साल वारंटी दी जा रही है वैसे इसकी लाइफ 10 से 15 वर्ष की है। अभी इस एस्ट्रोटर्फ को पूरी कम्पलीट में 1 महीना लग जायेगा।

