केंद्रीय मंत्री गडकरी ने किया स्पीड टेस्ट, एक्सप्रेसवे की क्वालिटी चेक करने के लिए 150 किमी प्रति घंटे कर रफ्तार से कार चलाई
भोपाल. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी हेलीकॉप्टर से उतरे, किला कार्निवाल की ड्राइविंग सीट पर बैठे और उसे 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया। ये नजारा जावरा (मप्र) का था। जहां दिल्ली से मुंबई एक्सप्रेसवे तैयार किया जा रहा है। सड़क की क्वालिटी को परखने के लिए उन्होंने ऐसा किया। इतना ही नहीं इस एक्सप्रेसवे पर उन्होंने कंस्ट्रक्शन अधिकारी से गाड़ी को 170 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से भी चलवाया। 16 सितंबर को गडकरी रतलाम जिले की जावरा तहसील में एक सभा को संबोधित करने पहुंचे थे। जहां मंच पर कहा कि एक्सप्रेसवे की क्वालिटी को चेक करने के लिए उन्होंने 150 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से कार चलाई। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे से मुंबई और दिल्ली का सफर सिर्फ 12 घंटे में पूरा हो जाएगा। लौटते वक्त उन्होंने करीब 5 किमी तक गाड़ी चलवाकर टेस्टिंग की।
170 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार पर टेस्टिंग करवाई
जब गडकरी वापस लौटे तो उन्होंने कंस्ट्रक्शन अधिकारी को ड्राइविंग सीट पर बैठाया। फिर एक्सप्रेसवे के उस हिस्से पर पहुंचे जहां काम चल रहा था। इस दौरान उन्होंने वहां की मशीनों के बारे में जानकारी ली साथ ही, ये कहा कि यहां पर छोटा प्लेन उतर सकता है। बाद में उन्होंने यूटर्न लिया और अधिकारी से गाड़ी की स्पीड बढ़ाने और आगे ध्यान देने के लिए लिए कहा। जब कार की स्पीड 120किमी/प्रति घंटे से ऊपर चली गई तब स्पीड अलर्ट की बीप आने लगी, लेकिन मंत्री जी स्पीड बढ़वाते रहे। जब कार की स्पीड 170 किमी/प्रति घंटे तक पहुंच गई तब इसे मेंटेन किया गया।
क्वालिटी चेक करने सेफ्टी नियम तोड़े
गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की क्वालिटी को चेक करने के लिए सेफ्टी नियम को भी तोड़ा। दरअसल, नए सेफ्टी नियमों के चलते अब कार में स्पीड अलर्ट दिया जाता है। जब कार की स्पीड 120 किमी/प्रति घंटे से ऊपर होने लगती है तब अंदर बीप बजना शुरू हो जाती है। इस स्पीड के लिए अलर्ट होता है। वहीं, गडकरी ने कार को 170 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया। हालांकि, इसके पीछे की बड़ी वजह एक्सप्रेसवे की टेस्टिंग करना था।

