ज्योतिरादित्य सिंधिया बंगला अलॉट होने के 24 दिन के बाद पहुंचे, इन बंगलों के रखरखाव पर 50 करोड़ रूपये खर्च होते हैं प्रतिवर्ष
भोपाल. राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को भोपाल में बंगला आवंटित होने के 24 दिन बाद रविवार की सुबह अपने सरकारी निवास पर पहुंचे। उन्हें श्यामला हिल्स पर बंगला बी-5 मिला है। यह उन्हें लगभग 18 वर्षो के इंतजार के बाद मिला है। नई दिल्ली से वह फ्लाइट से रविवार की सुबह भोपाल पहुंचे।
उनका बंगले पर कार्यकर्त्ताओं और समर्थकों ने भव्य स्वागत किया और उनके साथ परिवहन मंत्री गोविंदसिंह राजपूत और मंत्री तुलसी सिलावट भी थे। लगभग डेढ़ एकड़ वाला यह बंगला पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और दिग्विजय सिंह से भी बड़ा बंगला है। बंगला नम्बर बी-6 उमा भारती के सिंधिया पड़ोसी हो गये हैं। दिग्विजय सिंह 3 बंगले छोड़कर बी-1 में निवास करते हैं।
बंगले की साज -सज्जा एवं रखरखाव पर प्रतिवर्ष 50 करोड़ रूपये होते हैं खर्च
भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और विधायकों को बी और सी टाईप बंगले मिले हैं, जो 1 से 1.50 एकड़ क्षेत्र में फैले हैं। बी टाइप बंगले 105 हैं, जिनका किराया 6 हजार रूपये प्रतिमाह है और सी टाइप बंगले 64 है, जिनका किराया 4800 रूपये हैं। इन बंगलों के मेंटेनेंस पर हर वर्ष सरकार को 50 करोड़ रूपये खर्च करने होते हैं।

