तिघरा का जलस्तर घटा, ककैटो-अपर ककैटो भी खाली; ग्वालियर में गहरा सकता है जल संकट
ग्वालियर. मानसून में ब्रेक के बीच तिघरा बांध का जलस्तर फिर घटने लगा है। वर्तमान में बांध का जलस्तर करीब 726 फीट है। इसके चलते शहर में 1 अगस्त से लागू एक दिन छोडकर जलप्रदाय व्यवस्था आगे भी जारी रहने की संभावना है। जलस्तर में अपेक्षित बढोतरी नहीं हुई तो आने वाले समय में दो दिन के अंतराल से पानी देने की स्थिति भी बन सकती है। इस बार तिघरा के अलावा जलापूर्ति के लिए कोई वैकल्पिक स्त्रोत भी उपलब्ध नहीं है। 2 साल पहले अल्पवर्षा के दौरान तिघरा का जलस्तर कम होने पर ककैटो और अपर ककैटो बांध से पानी लिफ्ट कर तिघरा में लाने की तैयारी की गई थी। इस बार इन दोनों बांधों में भी पर्याप्त पानी नहीं है।
आगे की स्थिति पूरी तरह मानसून पर निर्भर
ऐसे में आकस्मिक परिस्थिति में वहां से पानी लिफ्ट करने का विकल्प भी फिलहाल समाप्त हो गया है। अफसरों के अनुसार वर्तमान जलस्तर से करीब चार माह तक शहर की जरूरत पूरी की जा सकती है। हालांकि आगे की स्थिति पूरी तरह मानसून पर निर्भर है। यदि वर्षा होती है और तिघरा का जलस्तर 730 फीट से ऊपर पहुंचता है तो एक दिन छोडकर जलप्रदाय की व्यवस्था सालभर तक जारी रखी जा सकती है। इसके विपरीत यदि बांध में पानी की आवक नहीं बढी तो जल संकट से निपटने के लिए दो दिन के अंतराल से जलप्रदाय का विकल्प अपनाना पड सकता है।
बता दें कि शहर की जलापूर्ति का मुख्य आधार तिघरा है। तिघरा के अपस्ट्रीम में ककैटो और अपर ककैटो बांध होने के बावजूद इस बार वहां से मदद मिलने की उम्मीद नहीं है। दोनों जलाशयों में भी पानी की कमी के कारण उन्हें वैकल्पिक स्त्रोत के रूप् में इस्तेमाल करना संभव नहीं है। ऐसे में इस बार शहर ही जलापूर्ति पूरी तरह तिघरा के पानी की आवक पर निर्भर हो गई है।

