दतिया में मिला रानी लक्ष्मीबाई का ऐतिहासिक 175 साल पुराना जीवित अवस्था का चित्र

भोपाल. दतिया के संग्रहालय में कोने में रखे मिले दो फीट लंबे और पौने दो फीट चौडे एक चित्र ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से जुडे इतिहास को जीवंत कर दिया है। माना जा रहा है कि यह रानी की जीवित अवस्था का पहला चित्र है। इसमें उन्हें उन्हें घोडे पर सवार दिखाया गया है। ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत पांडुलिपियों के संग्रहण और संरक्षण के दौरान यह चित्र सामने आया है। इसे वर्ष 1849-50 के आसपास का माना जा रहा है।
पति के निधन से पहले का है ये चित्र
मध्य प्रदेश राज्य पुरातत्व संग्रहालय एवं अभिलेखागार के इतिहासकार डॉ. मो. वसीम खान कहते है कि रानी कुलदेवी की पूजा के लिए कभी-कभी कडी सुरक्षा में जाती थीं। इसमें इस द्रश्य का चित्रांकन है। यह समय उनके पति गंगाधर राव के वर्ष 1853 में निधन के पहले का है। डॉ. वसीम जिनके पूर्वज गुल मोहम्मद झांसी राज परिवार के सुरक्षा प्रमुख थे। बताते है कि रानी बहुत विशेष लोगों से ही मिलती थीं। इसी कारण रानी के चित्र नहीं है। जबकि अन्य तत्कालीन रियासतों की तुलना में गंगाधर राव के समय चित्रकारों को अच्दा संरक्षण मिला हुआ था। उनके मुख्य चित्रकार सुखलाल थे। उन्होंने राजपरिवार और लोकजीवन से जुडे कई चित्र बनाए थे। इस बात की प्रबल संभावना है कि यह चित्र भी सुखलाल ने ही बनाया होगा। इस रंगीन चित्र में सोने के कणों का उपयोग किया गया है लेकिन इसका हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है।
परिवार के पास अभी एक ही चित्र
18 जून 1858 को अंग्रेजों से लडते हुए रानी के वीरगति को प्राप्त होने के बाद नजदीकी दतिया रियासत की तरफ से भेजे गए कर्मचारियों ने उनके महल से यही चित्र लाकर रखा था। रियासतों का विलय होने के बाद यही चित्र पुरातत्व विभाग के संग्रहालय में रखा गया था।

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