नाबालिग बोली -पिता कभी छाती पर तो कभी नीचे हाथ लगाता है, स्टेशन पर बिताई रात, पुलिस ने बिना मर्जी के परिवार को सौंपा

जबलपुर. वह पिता के नाम पर धब्बा है। कभी मेरे छाती पर हाथ लगाता है तो कभी नीचे, मैंने मना किया तो बहुत मारा। मां को बताया तो उन्हें भी पीटा। रोज -रोज की प्रताड़ना से तंग आकर घर से भागना ही सहीं समझा। यह बात शहडोल से भागकर आयी 16 वर्षीय युवती ने जबलपुर पुलिस से कहीं। अपने सगे पिता की करतूत से परेशान होकर वह 9 जुलाई को शहडोल रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो फिर कटनी औरइसके बाद 180 किमी दूर जबलपुर आ गयी। यहां दिनभर शहर में घूमती रही, रात में रेलवे स्टेशन पर सोती है।
बुधवार की शाम को रेलवे स्टेशन पर बैठे देखकर पुलिस उसके पास पहुंचा। उसे महिला थाने ले आया। जहां उसने आप बीती सुनाई। पुलिस ने मां को फोन लगाया तो वह गुरूवार का जबलपुर पहुंची। किशोरी ने बताया कि वह घर नहीं जाना चाहती है, क्योंकि फिर से पिता वहीं गंदी हरकत करेगा। इसके बावजूद पुलिस ने पिता के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। उल्टे उसे मां के साथ शहडोल भेज दिया। किशोरी का कहना है कि उसे नहीं पता कि शहडोल पुलिस पिता पर कार्यवाही करती है या नही।

शराबी पिता एक साल से कर रहा छेड़छाड़
किशोरी ने पुलिस को बताया- पिता एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। करीब एक साल पहले रात को शराब पीकर घर आए। मैं अपने कमरे में सो रही थी। आंख खुली तो देखा कि पिता मेरे बगल में बैठे हैं। उनके शरीर पर कपड़े नहीं हैं।मुझे लगा कि वे शराब के नशे में हैं, इसलिए वहां से उठकर मां के पास चली गई। कुछ दिन तो सब कुछ ठीक रहा, फिर ऐसा लगातार होने लगा। हमेशा का काम हो गया था कि वे रात को शराब के नशे में घर आते और फिर पूछते कि क्या पेट में दर्द हो रहा है? इसके बाद कपड़े ऊपर कर यहां-वहां हाथ लगाते। मैं उनकी गंदी हरकतों से इस कदर परेशान हो गई थी कि न चाहते भी उनके वीडियो मोबाइल में कैद कर लिए।

