HAL को मिला तेजस के लिये 7वां इंजन Mk1A, जीई ने छठे इंजन की परेशानी का किया समाधान

नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने वाला एलसीए तेजस एमके1ए कार्यक्रम एक अहम मोड़ पर आ गया है। हाल ही हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को अमेरिकी कम्पनी जीई एयरोस्पेस से 7वां एफ404-आईएन20 इंजन मिल गया है। छठे इंजन में आई परेशानी को जीई कने ठीक कर दिया है। यह खबर तेजस एमके1ए प्रोजेक्ट के लिये पॉजिटिव है।हालांकि पूरा प्रोजेक्ट अभी भी 2 साल से अधिक की देरी का सामना कर रहा है।
एफ404-आईएन20 इंजन तेजस फायटर जेट का दिल है। यह हल्का, शक्तिशाली और आधुनिक इंजन है जो लड़ाकू विमान को जरूरी थ्रस्ट, गति और मैन्युवरेबिलिटी देता है। जीई एयरोस्पेस इस इंजन का पूरा एचएएल के लिये सप्लाई कर रहा है। 7वें इंजन की डिलेवरी से कार्यक्रम को गति मिलने की अनुमान है।
अगर HAL समय पर इंटीग्रेशन और टेस्टिंग पूरी कर ले तो 2026 के अंत तक पहली खेप मिल सकती है। IAF इन विमानों को जल्द शामिल करके अपनी लड़ाकू क्षमता बढ़ाना चाहती है। HAL को सातवें GE F404-IN20 इंजन की प्राप्ति और छठे इंजन की समस्या का समाधान Tejas Mk1A कार्यक्रम के लिए राहत भरी खबर है।
हालांकि देरी अभी भी एक चुनौती है, लेकिन इंजन सप्लाई में तेजी आने से उम्मीद बढ़ गई है। भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन के लिए यह कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला तो भारतीय वायुसेना को जल्द ही आधुनिक Tejas Mk1A विमान मिलेंगे, जो देश की हवाई सुरक्षा को मजबूत बनाएंगे।

