देर रात अमेरिका के ईरान पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढत
नई दिल्ली. पश्चिम एशिया मे अमेरिका-ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों की सैन्य कार्रवाई से ना केवल शांति की उम्मीदों को करारा झटका दिया है बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन कहे जाने वाले कच्चे तेल के बाजार में भी आग लगा दी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस टकराव के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, के जल्द खुलने की संभावनाएं धुंधली हो गई है जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और होर्मुज स्ट्रेट फिर से बंद आशंका का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखने लगा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत में 78 सेंट यानी 1 प्रतिशत की बढोतरी हुई, जिससे यह 78.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुच गया। इसी तरह अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चे तेल के भाव में 74 सेंट यानी 1.01 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जिसके बाद यह 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों पर असर डाल सकती है जबकि आयात लागत बढने की चिंता भी बाार पर प्रीभाव डालेगी।
जानकारी के अनुसार भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार देर रात बयान जारी करते हुए कहा, भारत पश्चिम एशिया में हाल के हमलों और बढते तनाव को लेकर बहुज चिंतित है। ये घटनाएं तब हुई है जब इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को फिर से निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

