नहीं हो पाया सिंधिया राज परिवार का महा-समझौता, सुनवाई टली

ग्वालियर. देश के चर्चित एवं रॉयल राजघरानों में शुमार सिंधिया राजघराने का दशकों चला आ रहा पुराना संपत्ति विवाद अब महा-समझौता की तरफ बढ़ रहा है। अभी हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से जिला न्यायालय में एक समझौता आवेदन पेश किया गया है। हालांकि रिकॉर्ड रूम में फाइल नहीं आने की वजह से ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा दिये गये समझौता आवेदन पर बुधवार का सुनवाई नहीं हो सकी और टल गयी है।


समझौता प्रस्ताव में सिंधिया राजघरान के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं (वसुंधराराजे, यशोधरा राजे और ऊषाराजे राणा व अन्य) के बीच अरबों रूपये की शाही विरासतों के बंटवारे पर अंतिम सहमति बन चुकी है।
महा-समझौते का मसोदा तैयार
तमाम दौर की पारिवारिक बैठकों के बाद समझौते का अंतिम मसौदा तैयार कर लिया गया है। जिस पर अभी कानूनी मुहर लगना बाकी है। इसके लिये ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से जिला न्यायालय में आवेदन भी पेश कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक महा-समझौते के लागू होते ही दिल्ली, मुंबई, पुणे और ग्वालियर की अदालतों में वर्षो से लंबित एक दर्जन से ज्यादा मुकदमों का सदैव के लिये पटाक्षेप हो जायेगा।
इनके बीच होगा समझौता
महा-समझौता ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे सिंधिया, ऊषा राजे राणा , यशोधरा राजे सिंधिया, कनिका देवी, प्रतिमा देवी और चित्रांगदा राजे के बीच होने जा रहा है। बुआओं की तरफ से अगले सप्ताह कोर्ट में आवेदन दाखिल होने की संभावना है। जिसके बाद कोर्ट इस पर अपनी अंतिम मुहर लगा देगा। सबसे अधिक मुकदमे मुंबई की अदालतों में लंबित है। जबकि ग्वालियर में भी 5 प्रकरण चल रहे हैं। जो अभी वापिस ले लिये जायेंगे।

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