ग्वालियर में 100 करोड की मल्टीलेवल पार्किंग के सबसे निचले तक में लगातार भूजल भरने से निर्माण कार्य प्रभावित
ग्वालियर. महाराज बाडा स्थित मल्टीलेवल पार्किंग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। साढे चार साल बाद भी पार्किंग पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी, बेसमेंट के तीसरे तल में अब भी 8 फीट पानी भरा हुआ है निर्माण कार्य में देरी, पानी निकासी की समस्या और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर कलेक्टर रूचिका चौहान ने प्रोजेक्ट की फाइल तलब कर जांच के निर्देश दिए है। दिसंबर 2020 में शुरू हुई इस पार्किंग की समय-सीमा चार बार बढाई जा चुकी है। अब प्रशासन ने 10 जुलाई तक पार्किंग के प्रथम और द्वितीय तल शुरू करने के निर्देश दिए है। हालांकि सबसे बडी चुनौती अब भी बेसमेंट में भरे पानी की निकासी बनी हुई है। यहां 300 चार पहिया और 200 दो पहिया वाहन पार्क हो सकते है।
इंजीनियरों, पीडीएससी व एलएंडटी कंपनी में हडकंप
स्मार्ट सिटी की बैठक में अफसरों ने कलेक्टर को बताया कि निर्माण में देरी पर एलएंडटी पर 80 लाख और पानी निकासी नहीं करने पर 1 से 2 लाख रुपए जुर्माना किया है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि 1 या 2 लाख जुर्माना लगाए ऐसा कहां लिखा है। कलेक्टर ने जुर्माने के आधार और दस्तावेज मांगे। इसके बाद से इंजीनियरों, पीडीएससी व एलएंडटी कंपनी में हडकंप मचा हुआ है। अब ज्यादा जुर्माने की तैयारी है।
करीब 100 करोड रुपए की लागत से बन रही इस पार्किंग के सबसे निचले तल में लगातार भूजल भरने से निर्माण कार्य प्रभावित है। बताया जा रहा है कि निर्माण स्थल पर मौजूद पुरानी बोरिंग और गहरी खुदाई के कारण पानी की समस्या बनी हुई है। पानी निकालने के लिए कई महीनों से पंपिंग की जा रही है लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। जानकारी के अनुसार दिन में पानी को गोरखी स्कूल स्थित कुएं तक पहुंचाया जाता है जबकि रात में इसका कुछ हिस्सा आसपास की सडकों पर छोडा जाता है। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी परेशनी का सामना करना पड रहा है।

