8th Pay Commission-महंगाई को लेकर 8वें वेतन आयोग में होगा बदलाव

नई दिल्ली. ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने 8th Pay Commission से महंगाई भत्ता और मंहगाई राहत का कैलकुलेशन के लिये उपयोग किया जाने वाले फॉर्मूले में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा फॉर्मूला कर्मचारियों और पेंशनर्स पर महंगाई के बोझ का सही कैलाकुलेशन नहीं करता है। अभी महंगाई भत्ता और पेंशन भत्ता में संशोधन अखिल भारतीय औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के 12 माह के एवरेज पर बेस्ड है। यह इंडेक्स कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ती कीमतों के लिये नुकसान की भरपाई करने और महंगाई के खिलाफ उनकी खरीदने की क्षमता की रक्षा के लिये है।
हालांकि 8th Pay Commission को सौंपे गये अपने दूसरे डिमांड में AIDEF ने कहा है कि मौजूदा फॉर्मूले में महत्वपूर्ण कमियां है। यह कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के बदलते खच्र करने के तरीकों को पर्याप्त रूप से नहीं देखा सकता है। फेडरेशन के अनुसार 2022-33 में पेश किये गये संशोधित कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में फूड आयटम और मौसमी एग्री प्रॉडक्टस की कीमतों में बढ़ोत्तरी को पर्याप्त तौर पर नहीं बताता है। aidef ने बताया है कि खाद्य और पेय पदार्थो का भार अब सूचकांक में 36.75% है। जबकि आवास, स्वास्थ्य, सेवा, परिवहन, संचार और डिजीटल सेवाओं जैसी कैटेगरी को अधिक वेटेज दिया गया है।
पेंशनर्स के लिए चुनौती
गौरतलब है कि आठवें वेतन आयोग की बैठक कई राज्यों में पूरी हो चुकी है, जिसमें सैलरी बढ़ोतरी, महंगाई भत्ते में इजाफा और फिटमेंट फैक्टर समेत कई मांग रखी गई है। AIDEF ने पेंशनभोगियों के चुनौतियों का भी जिक्र किया, जिनमें से कई अपनी मंथली इनकम का एक बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम, दवाओं, चिकित्सा उपचार और देखभाल सेवाओं पर खर्च करते है। अगर इन आवश्यक वस्तुओं की कीमतें महंगाई से ज्यादा बढ़ती हैं।, तो महंगाई राहत में बदलाव उतना नहीं होता है। इन चिंताओं को देखते हुए, AIDEF ने मौजूदा महंगाई फॉर्मूले की जांच करने और सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के खर्च को मैनेज करने के लिए बदलने के लिए कहा है।

