ग्वालियर में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन ने की कार्रवाई, दो कोचिंग सेंटर सील
ग्वालियर. लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने से छात्रों की मौत की र्हदयविदारक घटना के बाद ग्वालियर में भी अलर्ट है। शहर में ज्यादा से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स के पास फायर सेफ्टी नहीं है। मंगलवार को नगर निगम के फायर ब्रिगेड दस्ते ने शहर के कोचिंग संस्थानों पर छापामार कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई करते हुए दो कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है। शहर में 90 प्रतिशत कोचिंग सेंटर में इमरजेंसी एग्जिट तक नहीं है।

लक्ष्मीबाई कॉलोनी में संचालित विज्ञान पथ कोचिंग को सील किया
नगर निगम की टीम ने सबसे पहले भी कृषि संस्थान कोचिंग में छापा मारा। यहां लगे फायर सिलेंडर की डेट एक्सपायर मिली। कुछ सिलेंडर पूरी तरह खाली थे। इसके अलावा फायर सेफ्टी से संबंधित किसी प्रकार दस्तावेज और इंतजाम कोचिंग में नहीं थे। इसके बाद निगम ने कोचिंग को सील कर दिया। दूसरी कार्रवाई लक्ष्मीबाई कॉलोनी में संचालित विज्ञान पथ कोचिंग पर की गई। यहां भी कुछ सिलेंडर सही थे तो कुछ सिलेंडर खाली और एक्सपायरी डेट के मिले। जिन्हें जप्त किया गया। इसके अलावा इसके अलावा फायर सेफ्टी से संबंधित किसी प्रकार दस्तावेज और इंतजाम कोचिंग में नहीं थे। कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर ऑफिस को सील किया गया।
ग्वालियर में केवल 3 या 4 बड़े कोचिंग संस्थानों के पास ही वैध सेवाएं
1050 कोचिंग सेंटर: शहर में छोटे-बड़े मिलाकर लगभग 1050 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं।
इनमें से करीब 40 से 50 ऐसे बड़े संस्थान हैं, जहां रोजाना हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं।
1050 से ज्यादा संस्थानों में से केवल 3 या 4 बड़े कोचिंग संस्थानों के पास ही वैध सेवाएं और पुख्ता इंतजाम उपलब्ध हैं।
कहां कहां संचालित हो रहे संस्थान
ग्वालियर में प्रतिदिन हजारों छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों में पहुंचते हैं। शहर के महाराज बाड़ा, सिटी सेंटर, गोला का मंदिर, मुरार और अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ चुकी है। कई जगहों पर न तो फायर एनओसी उपलब्ध है और न ही आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
चलाया जाएगा अभियान
नगर निगम के फायर विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब जांच अभियान पूरी गंभीरता के साथ चलाया जाएगा। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संस्थानों को नोटिस जारी किए जाएंगे और गंभीर मामलों में सीलिंग की कार्रवाई भी की जा सकती है।

