एथेनॉल से पेट्रोल टैंक में जम रही काली फंगस, माइलेज घटा, सर्विसिंग का खर्च दोगुना
नई दिल्ली. विक्रम दिल्ली के पालिका भवन में काम करते हैं। तीन साल पहले पुरानी कार खरीदी। एक साल बाद ही कार के फ्यूल सिस्टम में दिक्कत आ गई। पता चला कि कार में सिर्फ 10 प्रतिशत एथेनॉल (ई 10) वाला पेट्रोल ही डाल सकते थे, लेकिन 20 प्रतिशत एथेनॉल वाला, यानी ई20 फ्यूल डाल दिया गया। इसका असर कार के माइलेज पर भी दिख रहा है। पहले साल में कार की सर्विसिंग में 15-20 हजार रुपए खर्च हुए। अगले साल खर्च दोगुना हो गया।
100 प्रतिशत एथेनॉल फ्यूल लाने की तैयारी
पालिका भवन में ही 22 साल के कुणाल कार रिपेयर कराने पहुंचे। वे कहते हैं, ‘जब से पेट्रोल में चींटी लगने का वीडियो देखा, तब से गाड़ी खराब होने का डर सताने लगा। इसलिए पावर पेट्रोल ही भरवा रहा हूं। गाड़ियों को लेकर ये फिक्र अकेले विक्रम या कुणाल की नहीं है। सोशल मीडिया पर भी एथेनॉल फ्यूल से गाड़ियों में गड़बड़ी का दावा करने वाले ढेरों वीडियो शेयर हो रहे हैं। देश में 5 जून को फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए डिजाइन 85 प्रतिशत एथेनॉल वाला ई85 भी लॉन्च कर दिया गया। आगे 100 प्रतिशत एथेनॉल फ्यूल लाने की तैयारी है। अभी ई20 फ्यूल का गाड़ियों पर क्या असर हो रहा है, ये जानने के लिए हम दिल्ली के सबसे बड़े कार रिपेयरिंग मार्केट पालिका पहुंचे।
फ्यूल टैंक में काली फंगस जमने से जंग लग रही
दीपक राज यहां 20 साल से कार रिपेयरिंग का काम कर रहे हैं। वो कहते हैं, 2 साल से गाड़ियों में फ्यूल से जुड़ी दिक्कतें बढ़ गई हैं। फ्यूल टैंक में काई जमा होने की शिकायतें मिल रही हैं। दरअसल एथेनॉल में पानी सोखने की क्षमता होती है, जिसकी वजह से फ्यूल के सेंसर खराब हो रहे हैं। टैंक में काली परत सी जमी दिखती है, जिसकी वजह से फ्यूल पंप में जंग लग रही है। दीपक आगे कहते हैं, जब से पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ी है, तब से फ्यूल से जुड़े पार्ट्स फ्यूल सेंसर, पंप और फिल्टर तीनों में दिक्कत आ रही है। पिछले 1 महीने में मर्सिडीज की 6-7 गाड़ियों में एक जैसी ही दिक्कत देखी गई।

