RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा पत्नी की सर्जरी और बच्चों की देखभाल का आधार पर मांगी जमानत, कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
जबलपुर. आरटीओ में तैनात रहे करोड़पति पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई की गयी थी। अस्थाई जमानत (टेम्प्रेररी बेल) आवेदन पर सुनबाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरखित रख लिया है। ऐसा माना जा रहा है कि इस पर एक-दो दिन में फैसला आ सकता है। सौरभ शर्मा ने पत्नी की सर्जरी और बच्चों की देखभाल का हवाला देते हुए जमानत अर्जी दायर की है। आपको बता दें कि सौरभ शर्मा प्रदेश के बहुचर्चित आरटीओ भ्रष्टाचार और मनी लॉड्रिंग मामले के मुख्य आरोपी है।
गर्मियों की छुट्टियों के बीच जस्टिल विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इससे पहले कि जिला अदालत और हाईकोर्ट दोनों ही सौरभ शर्मा की नियमित जमानत यचिकाये खारिज कर चुके हैं। इस बार सौरभ शर्मा ने पत्नी दिव्या तिवारी की सर्जरी और 2 बच्चों की देखभाल का आधार बनाकर 60 दिन की अस्थाई जमानत की मांग की है। इससे पहले जबलपुर हाईकोर्ट में 108 करोड़ रूपये की संपत्ति, 51 किलो सोना और मनी लॉड्रिंग से जुड़े तथ्यों का हवाला देते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। अब हाईकोर्ट में दायर 60 दिन की अस्थाई जमानत याचिका पर फैसला आना बाकी है।
बच्चों की देखभाल और पत्नी की सर्जरी का आधार बनाकर मांगी जमानत
सौरभ शर्मा ने अपनी जमानत याचिका में कहा गया है कि उसकी पत्नी दिव्या तिवारी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही है। याचिका के अनुसार,उसे डिविएटे डनेजल सेप्टम क्रॉनिक साइनसिस्टम और नॉक संबंधी जटिल समस्या है। जिसके चलते डॉक्टर ने फंक्शनल एंडोस्कोपी साइनस सर्जरी की सलाह दी है। याचिका में यह भी कहा गया है कि ऑपरेशन के बाद भी देखभाल के लिये पति की मौजूदगी आवश्यक है। जमानत याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि उसके 2 नाबालिग बच्चे अमीर और सुबीर तरह से अपने माता-पिता पर ही निर्वाह है। पत्नी के अस्पताल में भर्ती रहने और सर्जरी के बाद रिकवरी के दौरान बच्चों की देखभाल करने वाला कोई अन्य जिम्मेदार सदस्य नहीं है। इस मानवीय आधार पर उसे 60 दिन की अस्थाई जमानत दी जाये।
ईडी ने परिवार और करीबी लोगों के नाम पर संपत्तियां होने का किया दावा
ईडी के मुताबिक, चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और रोहित तिवारी जैसी हस्तियां उसकी कंपनियों से जुड़ी है। पत्नी दिव्या तिवारी, मां उमा शर्मा, सास रेखा तिवारी और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर जमीन, कंपनियां, स्कूल, प्रोजेक्ट, पेट्रोल पंप और अन्य संपत्तियां होने का दावा जांच एजेंटीयों ने किया है, ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब कथित तौर पर पूरा आर्थिक साम्राज्य इतने लोगों के सहारे संचालित हो रहा था, तो पत्नी के इलाज और बच्चों की देखभाल के लिए सौरभ शर्मा को आखिर क्यों जमानत अर्जी दायर करनी पड़ रही है।

