इंजीनियर के लॉकरों में मिले 2 करोड़ कैश, 13 प्लॉट, 5 मल्टीस्टोरी बिल्डिंग 27 साल पहले 6000 रूपये वेतन पर हुई थी नियुक्ति

भुवनेश्वर. ओडिशा के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बैकुंठनाथ बेहरा के कब्जे से करोड़ों की रूपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। बेहरा कुंधमाल जिले के बलिगुड़ा स्थित एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (आईटीडीए) में पदस्थ है। उनका 1999 में जूनियर इंजीनियर के पद पर अपॉइंटमेंट हुआ था। ओडिशा विजिलेंस को बेहरा के पास आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिली थी। इसके बाद भुवनेश्वर के विशेष न्यायाधीश (विजीलेंस) के सर्च वारंट के आधार पर विजिलेंस ने शुक्रवार को भुवनेश्वर, जाजपुर, बारिपदा और कंधमाल जिले के कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस बीच 5 बहुमंजिला इमारतें, 13 प्लॉट, सोने की ज्वेलरी और बैंक लॉकरों से लगभग 2.4 करोड़ कैश बरामद हुआ है। सभी संपत्तियों की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। इसे हाल के वर्षो की सबसे बड़ी आय से ज्यादा संपत्ति की कार्यवाहियों में एक माना जा रहा है।
छापेमारी की 3 तस्वीरें…



भुवनेश्वर में 4 बहुमंजिला आलीशन बिल्डिंग
भुवनेश्वर के 4 इलाकों के अलावा जाजपुर जिले के धर्मशाला स्थित पैतृक घर, रिश्तेदारों के आवास, सरकारी र्क्वाटर और ऑफिस में भी तलाशी ली गयी। कार्यवाही में 2 एएएसपी, 5 डीएसपी और भारी तादाद में अन्य अधिकारियों को लगाया गया है। जांच में अभी तक 5 बड़ी इमारतों का पता चला है। इनमें भुवनेश्वर स्थित नीलाद्री बिहार में करीब 10,500 वर्गफीट क्षेत्रवाली 4 मंजिला इमारत सबसे बड़ी है। इसके अलावा सैलश्री बिहार में 3 मंजिला भवन, पटिया में 2 मंजिला मकान, चन्द्रशेखर में 2 मंजिला मकान है।
जाजपुर जिले के धर्मशाला में पैतृक जमीन पर भी 2 मंजिला इमारत बनी है। बिजिलेंस को बेहरा और उनके परिवार के नाम पर 13 प्लाट भी मिले है। इनमें 4 प्लॉट भुवनेश्वर, जाजपुर जिले के धर्मशाला और एक बारिपदा में स्थित हैं भुवनेश्वर में और भी जमीन होने की जानकारी सामने आयी है।
पत्नी के बैंक लॉकरों से निकले 2 करोड़ कैश
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग ठिकानों से सिर्फ 2.66 लाख कैश नकद बरामद किए। हालांकि जांचकर्ताओं को पता चला कि बेहरा की पत्नी के नाम पर भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो लॉकर हैं। लॉकर खोले जाने पर करीब 2 करोड़ कैश मिले। नोटों की गिनती बैंक की मशीनों से कराई जा रही है। इसके अलावा सोने के गहनों का वजन और कीमत का आकलन किया जा रहा है। विजिलेंस टीम बैंक खातों और अन्य इन्वेस्टमेंट की भी जांच कर रही है।
बैकुंठ नाथ बेहरा ने 16 अगस्त 1999 को जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका शुरुआती वेतन 6,000 रुपए महीना था। 31 अक्टूबर 2016 में उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर प्रमोशन मिला।
फरवरी 2026 में उन्हें असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बनाया गया और बलिगुड़ा ITDA में पोस्टिंग मिली। अभी उनका मासिक वेतन करीब 80 हजार था। विजिलेंस एसपी सुशांत कुमार बिस्वाल ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

