8वें वेतन आयोग से पहले पेंशन को लेकर हो सकती है बड़ी घोषणा
नई दिल्ली. देशभर में 8वें वेतन आयोग को लेकर बैठक चल रही है। इस दौरान केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के लिये पेंशन स्ट्रक्चर को लेकर एक बड़ा बदलाव हो सकता है। मौजूदा रिटायरमेंट सिस्टम के तहत सरकारी कर्मचारियों का अपनी पेंशन विकल्प चुनने में अधिक लचीलापन देने के संबंध में चर्चा चल रही है। केन्द्रीय सरकार कर्मचारी संघ के एक सदस्य ने बताया है कि अगर चर्चा सकारात्मक तौर पर जारी रहती है। अगले 2-4 माह के अन्दर प्रस्ताव पर आगे कार्यवाही हो सकती है। हालांकि तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गयी है।
पेंशन सेलेक्ट करने का विकल्प अपनी पसंद
पेंशन में लचीलेपन और कर्मचारियों की पसंद को लेकर पॉजिटिव चर्चा चल रही है। कर्मचारी रिटायरमेंट बेनीफिट्स के संबंध में अधिक क्लीयरटी और सुरक्षा चाहते हैं। अगर बातचीत सही रही है तो प्रस्ताव मान लिया जाता है तो आगे कर्मचारियों को अपनी पंसद का पेंशन सेलेक्ट करने का विकल्प मिल सकता है।
कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली कर रहे हैं मांग
यह घटना अहम है क्योंकि चल रहे 8वें वेतन आयोग के परामर्शो के बीच एनपीएस वाले कर्मचारियों के बीच पेंशन संबंधी चिंतायें सबसे बड़े मुद्दों में से एक के रूप में उभरी है। इनमें से अधिकतर कर्मचारी पुराने पेंशन बहाली को लेकर आयोग से मांग कर रहे हैं।
UPS का विकल्प चुनने की अनुमति मिल सकती है
अभी हाल ही में सरकार ने यूनीफाइड पेंशन योजना (यूपीएस) शुरू की है। जो कंट्रीब्यूशन बेस्ड पेंशन को कुछ तय पेंशन सुरक्षा देती है। चर्चाओं में शामिल कर्मचारी प्रतिनिधियों के मुताबिक नये प्रस्ताव से कर्मचारियों को पेंशन सिस्टम के भीतर अलग-अलग पेंशन विकल्पों में से चुनने की अनुमति मिल सकती है।
NPS के जरिए मिलता है पेंशन
अभी 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती किए गए ज्यादातर केंद्रीय कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत आते हैं, जो कंट्रीब्यूशन बेस्ड है और मार्केट के प्रदर्शन पर रिटर्न मिलता है। NPS के तहत कर्मचारी अपने सैलरी का एक हिस्सा पेंशन में योगदान देता है, जबकि सरकार भी अलग से योगदान देती है। इसके बाद, मार्केट रिटर्न और जमा फंड पर निर्भर करता है कि आपको कितना पेंशन मिलेगा. जबकि पुरानी पेंशन योजना (OPS) अंतिम प्राप्त वेतन और महंगाई भत्ता (DA) से जुड़ी गारंटीकृत पेंशन देती थी।

