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TMC 100 से अधिक पार्षदों ने दिया इस्तीफा, BJP की बैठक में 6 विधायकों के साथ पहुंची सांसद काकोली

कोलकाता. बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के अन्दर हलचल जारी है। टीएमसी सांसद काकोली घोष ने खुलकर असंतोष जताना शुरू कर दिया है। जबकि TMC  नियंत्रित नगर निकायों में चल रही अंदरूनी कलह के कारण से सामूहिक इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। इस दौरान मंगलवार को काकोली समेत पार्टी के 6 विधायकों ने बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया है।
बंगाल क राजनीतिक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जारहे है। काकोली ने हालही में जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे वक्त में राज्य की भाजपा सरकार के अधिकारिक मंच पर उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है। काकोली के अलावा इस बैठक में देगंगा से टीएमसी विधायक अनीसुर रहमान विश्वास, स्वरूपनगर की बीमा मंडल, हरौआ के मोहम्मद अब्दुल मतीन और बसीरहाट इलाके के 3 अन्य विधायक भी शामिल हुए है।
बता दें कि बीते कुछ दिनों में विभिन्न नगरपालिकाओं के करीब 100 पार्षद इस्तीफा दे चुके है।  इस राजनीतिक उथल-पुथल ने बीजेपी के लिए उन नगर निकायों में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका खोल दिया है, जो अब तक बड़े पैमाने पर टीएमसी के नियंत्रण में रहे है।
ये संकट इतना गंभीर हो गया है कि अगले साल होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले ही कई नगरपालिका बोर्ड भंग किए जा सकते है। ऐसी अटकलें तेज हैं कि ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी और कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम ने भी पद छोड़ने की इच्छा जताई है. हालांकि हाल ही में ममता बनर्जी ने पार्षदों से इस्तीफा न देने की अपील की थी लेकिन बंगाल के नगर निकायों में उथल-पुथल के संकेत लगभग हर दिन सामने आ रहे है।  बता दें कि 1998 में कांग्रेस से अलग होकर पार्टी बनाने के बाद से यह तृणमूल कांग्रेस के सामने आया सबसे बड़ा संकट माना जा रहा है।  पहले भी कई मौकों पर ममता बनर्जी पार्टी को एकजुट रखने वाली मजबूत कड़ी साबित हुई थीं, लेकिन इस बार परिस्थितियां अलग दिखाई दे रही है।

 

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