6 महीने से गायब रीतेश पुलिस के लिये मिस्ट्री बना, मां बोली अब तो टूटती जा रही बेटे के मिलने की उम्मीद

ग्वालियर. मोहनपुर गांव से 6 माह पूर्व गायब हुआ साढ़े तीन वर्षीय मासूम रितेश पाल अब भी पुलिस के लिये अनसुलझी पहेली बना हुआ है। तमाम प्रयासों, ड्रोन सर्च, पूछताछ और कई एंगल पर जांच के बावजूद बच्चे का अभी तक कोई सुराग नहीं पाया है। 1 मई को रीतेश के गायब होने के पूरे 6 महीने हो गये।
मसूम की मां सपना ने दर्द जताते हुए कहा है कि हर गुजरते दिन के साथ बेटे ने मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यदि किसी बड़े परिवार या व्यापारी का बच्चा होता तो पुलिस तत्काल तलाश कर लेती। लेकिन गरीब होने की वजह से उनके मामले को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया है। उन्होंने कहा है कि परिवार का शायद ही कोई सदस्य बचा हो, जिससे पूछताछ नहीं की गयी हो।
मुरार क्षेत्र के मोहनपुर स्थित काली माता मंदिर के पास झोपड़ी में रहने वाला रितेश 1 नवंबर 2025 की दोपहर करीब 12:30 बजे घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। करीब 1 बजे जब मां सपना उसे दूध पिलाने पहुंचीं तो वह वहां नहीं मिला। परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद शाम को मुरार थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
पुलिस ने कई एंगल पर की जांच
पारिवारिक विवाद: जांच में सामने आया कि रितेश की मां सपना और पिता दलबीर सिंह के बीच मनमुटाव चल रहा था। दोनों करीब आठ महीने से अलग रह रहे थे। सपना मायके में रह रही थीं। पुलिस ने मां, मामा, मामी, पिता, ताऊ और बाबा सहित कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।
धार्मिक एंगल: दोनों परिवारों को गिरगांव महादेव (मजिस्ट्रेट महादेव) में शपथ लेने की सलाह दी गई। 2 दिसंबर 2025 को दोनों पक्ष वहां पहुंचे और बच्चे के बारे में जानकारी न होने की कसम खाई, लेकिन इससे भी कोई नई जानकारी सामने नहीं आई।
लव ट्रायंगल: पति-पत्नी के अलग रहने के कारण पुलिस ने तीसरे व्यक्ति की भूमिका की संभावना पर भी जांच की। दोनों परिवारों से जुड़े करीबियों से पूछताछ की गई, लेकिन यह दिशा भी बेनतीजा रही।

