विधायक राजेन्द्र भारती को 3 साल की सजा, MP-MLA कोर्ट ने दी जमानत, एफडी की हेराफेरी मामले में पाये गये दोषी

नई दिल्ली. दतिया से कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को 27 वर्ष पुराने एफडी हेराफेरी के मामले में दोषी करार दिया गया है। गुरूवार को कोर्ट ने उन्हें 3 वर्षो की सजा सुनाई और जमानत दे दी है। उन्हें अपराधिक साजिश धारा 120बी, और धोखाधड़ी व जालसाजी ( धारा 420, 467, 468, और 471 में दोषी माना गयाहै। सह -आरोपी बैंक के लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है।
कोर्ट ने 2 धाराओं में 33 वर्ष और एक धारा में 2 साल की सजा सुनाई है। इससे उनकी विधायकी पर खतरा बना हुआ है। वरिष्ठ वकीलों के अनुसार अपील के लिये उन्हें 60 दिन मिलेंगे। अगरहाईकोर्ट से सजा पर स्थगन (स्टे)मिल जाता है तो उनकी विधायकी बरकरार रह सकती है। फिलहाल उनकी सदस्यता पर संकट बना हुआ है।
फर्जी दस्तावेजों से निकाला एफडी का ब्याज
घटनाक्रम की शिकायत 1998 से शुरू होता है। श्यामसुन्दर संस्थान की अध्यक्ष सावित्री श्याम (राजेन्द्र भारती की मां) ने दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रूपये की एफडी की थी। वर्ष 1998 से 2001 के बीच राजेन्द्र भारती उसी बैंक संचालक मण्डल के अध्यक्ष थे। वह श्यामसुन्दर संस्थान के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के सदस्य भी थे। भारती ने बैंक के लिपिक रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर बैंक के रिकॉर्ड में कूटरचना कर एफडी की अवधि 3 वर्ष सेबढ़ाकर 15 साल कर दी। इसके बाद वार्षिक 13.5 प्रतिशत ब्याज के 1,35,000 रूपये वर्ष 1999 से 2011 के बीच निकाले गये थे।
इन धाराओं में दोषी करार
आईपीसी 420: धोखाधड़ी, अधिकतम 7 साल सजा
आईपीसी 467: जालसाजी (मूल्यवान दस्तावेज), अधिकतम आजीवन कारावास या 10 साल
आईपीसी 468: धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी, अधिकतम 7 साल
आईपीसी 471: जाली दस्तावेज का उपयोग, संबंधित धाराओं के अनुसार सजा
आईपीसी 120B: आपराधिक साजिश
2 साल या ज्यादा सजा पर विधायकी जा सकती है
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर विधायकी स्वत: जा सकती है। भारती को 3 साल की सजा हुई है। हालांकि, हाईकोर्ट से सजा पर स्टे मिलने पर राहत संभव है। विधायक के बेटे अनुज भारती ने बताया कि उनके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वे फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे और जमानत के लिए आवेदन देंगे।

