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2 विभागों के बीच फंसी एजी ऑफिस से विवेकी फैक्ट्री तक जाने वाली सड़क

बस ऑपरेटरों को पड़ेगा 13 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा, नहीं बढ़ेगा किराया
ग्वालियर। एजी ऑफिस से लेकर नाका चंद्रवदनी तक बनने वाली सड़क दो विभागों के बीच उलझकर रह गई है। इसके कारण लगभग 8 माह से सड़क की हालत बेहद खराब है। नाका चंद्रवदनी से लेकर विवेकी फैक्ट्री तक सड़क उखड़ी पड़ी है, जिसके कारण यहां से गुजरने वाले वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम ने सड़क निर्माण कार्य में बाधा बन रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए नोटिस जारी किए, लेकिन लोगों को दी गई मोहलत खत्म होने के 50 दिन से अधिक का समय बीत चुका है। अधिकारी अपनी रिपोर्ट भी सबमिट कर चुके हैं। नगर निगम अब पानी की लाइन शिफ्ट कर रहा है, लाइन शिफ्ट होने के बाद सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।


पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा एजी ऑफिस पुल से विवेकी फैक्ट्री तक 4.50 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। पहले यह सड़क डामर की बनी थी, जिसके कारण यह सड़क खराब हो गई थी। अब पीडब्ल्यूडी विभाग ने पहली बार व्हाइट टॉपिंग रोड बनाने का निर्णय लिया है। इस कार्य को प्रारंभ हुए एक साल बीत चुका है। झांसी रोड से विवेकी फैक्ट्री की ओर जाने वाली जर्जर सड़क से हर रोज 20 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन हो रहा है। सड़क को खोदकर डाल दिया गया है। इसके बाद उसमें गिट्टी डाली गई, फिर उसे दबाया गया, फिर से खुदाई की गई। इसके कारण सड़क पर चलने वाले वाहनों को भारी परेशानी हो रही है। नगर निगम द्वारा पानी की लाइन शिफ्ट की जा रही है, पानी की लाइन शिफ्ट होने के बाद नगर निगम द्वारा ही अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।


वाहनों का बदला रूट, 13 किलोमीटर का बढ़ा फेरा
नाका चंद्रवदनी से सिटी सेंटर एवं पड़ाव क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्री वाहन अब सीधे झांसी रोड से होकर नहीं जा पा रहे हैं। अब उन्हें लंबे रूट से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे बस ऑपरेटरों को 13 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है।
ऐसे बनेगी एजी ऑफिस से विवेकी फैक्ट्री तक रोड
पीडब्ल्यूडी विभाग एजी ऑफिस पुल से विवेकी फैक्ट्री तक व्हाइट टॉपिंग का निर्माण कर रहा है। व्हाइट टॉपिंग सड़क में लगभग 10 इंच की मोटी सीमेंट कंक्रीट सड़क बनाई जाती है, साथ ही इसके बीच में मजबूती के लिए सरिया भी लगाया जाता है।
अब सुनें इनकी बात
राहुल निर्मल, कार्यपालन यंत्री, नगर निगम
सड़क निर्माण कार्य में 39 अतिक्रमण हैं, जिन्हें हटाया जाना है। नगर निगम द्वारा भेजे गए नोटिस की समय सीमा बीते हुए 50 दिन से अधिक समय हो गया है। अतिक्रमण हटाए बिना सड़क निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो रहा है।
देवेंद्र सिंह भदौरिया, कार्यपालन यंत्री PWD
अतिक्रमण हटाने के लिए कमेटी गठित की थी, जिसमें सभी विभागों की रिपोर्ट समाहित कर दी गई है।
सुरेश अहिरवार, प्रभारी कार्यपालन यंत्री जलकार्य विभाग
नगर निगम द्वारा पानी की लाइन डाली जा रही है, लाइन डालने के बाद अतिक्रमण को हटाया जाएगा।
महेश अग्रवाल, सिटी बस ऑपरेटर
बसों का किराया शासन के द्वारा तय किया जाता है, इसलिए हम किराया नहीं बढ़ा सकते हैं। एक माह में बार-बार बढ़ा हुआ खर्च बस ऑपरेटर वहन करेंगे।
20 सालों तक नहीं आएगी परेशानी
पीडब्ल्यूडी विभाग के अनुसार व्हाइट टॉपिंग रोड बनाने के लिए लगभग 1 फीट मोटी सीमेंट और कंक्रीट की परत बिछाई जाती है, जिससे यह सड़क भारी वाहनों के गुजरने से टूटती नहीं है। साथ ही बारिश से भी इसे नुकसान नहीं होता है।
नहीं बढ़ेगा किराया
बस ऑपरेटर को 13 किलोमीटर लंबा फेरा लगाना पड़ रहा है, लेकिन किराया नहीं बढ़ाया जाएगा। इससे बस ऑपरेटरों को हर फेरे में 2 से 3 लीटर अतिरिक्त डीजल का खर्च उठाना पड़ेगा।

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