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एलिवेटेड रोड में बाधक बने 267 मकानों और दुकानों को तोड़ा जायेगा, नोटिस दिये गये

ग्वालियर. मुरैना लिंक रोड से लक्ष्मीबाई समाधि स्थल तक बनाये जा रहे एलिवेटेड रोड़ के निर्माण में बाधक बने निर्माणों को हटाने के साथ दूसरे चरण की बाधाओं को भी हटाने की तैयारी की जा रही है। दूसरे चरण में गिरवाई से लक्ष्मीबाई समाधि तक बन रहे एलिवेटेड रोड के लिये 250 से अधिक मकानों को जमींदोज किया जायेगा। जिसके लिये अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमाना शुरू कर दिये गये है। यह मकान स्वर्ण रेखा नदी किनारे उस जमीन पर बने हुए हैं जिसे वैकल्पिक सड़क के तौर पर निर्माण किया जाना था।
पहले फेज की तुलना दूसरे फेज में अधिक तुड़ाई क्यों
पहला वजह कि उपनगर ग्वालियर में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड की चौड़ाई 16 मीटनर जबकि लश्कर में इस कॉरिडोर की चौड़ाई यातायात दबाव चलते 19.5 मीटर है। स्वर्ण रेखा किनारे की अपेक्षा में उपनगर ग्वालियर में किनारों पर बने अतिक्रमण की संख्या कम थी।
कितनी भूमि अधिग्रहण होगी
गिरवाई पुलिस चौकी के पास से हनुमान बांध से छप्परवाला पुल होते हुए लक्ष्मीबाई समाधि तक बनाया जायेगा। इस 7.42 किमी लम्बे एलिवेटेड रोड के लिये लगभग 21 हेक्टर जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा। जिसके लिये भू-अर्जन शाखा को 63 करोड़ रूपये मिल चुके है। 267 मकान, दुकान के निर्माण हटाने के लिये नोटिस दे रहे है।
कहां से हटेंगे अतिक्रमण
गिरवाई से फालका बाजार तक 17 ठिकानों पर अतिक्रमण हटाया जायेगा। इस कार्यवाही में 267 मकानों को तोड़ा जायेगा। तारांगंज से जीवाजीगंज पुल तक लगभग डेढ़ किमी के इलाके में होगी। इतने एरिया में 116 मकान तोड़े जायेंगे।
कितने परिवारों को मिलेगा मुआवजा
जिन लोगों से खुली जमीन या निर्माण क्षेत्र का अधिग्रहण किया जायेगा। उन्हें मुआवजा दिया जायेगा। लेकिन जिन्होंने अतिक्रमण किया है। उन्हें मुआवजा नहीं दिया जायेगा। क्योंकि अतिक्रमण के मामले में मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है।
सालों से रह रहे लोगों का क्या होगा
नहीं, जो लोग अतिक्रमण किये हैं। उनके विस्थापन को लेकर कोई प्रक्रिया नहीं है। यह हो सकता है कि शासन पीएम आवास या किसी अन्य योजना में सस्ते घर लेने का मौका दे दे।

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