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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया, वास्तुकला और प्रगति का संगम

ग्वालियर. रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य को देखने के लिये केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचकर जीर्णोद्वार का निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहें रिनोवेशन की प्रगति का जायजा लिया और उत्तर मध्यरेलवे के डीआरएम सहित अधिकारियों के साथ बैठक की। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि 2021 में कोरोना काल के बीच उन्होंने स्वयं ग्वालियर रेलवे स्टेशन का डिजाइन तैयार किया था। बैठक में उसी डिजायन की प्रगति पर चर्चा हुई। उन्होंने डीआरएम और अधिकारियों को उनके प्रयासों के लिये सराहना की जो स्टेशन के सौन्दर्यीकरण में जुटे हुए हैं।
उनके लिए एस्कलेटर लगा है। इस पर सिंधिया ने कहा कि ऐसा प्रयास करें कि 4 फीट सीढ़ियां चौड़ी हो जाएं। पहले यहां 5 ट्रैक थे मैंने 6 ट्रैक कराए है। भाजपा नेता सुधीर गुप्ता ने कहा कि एक्सलेटर आए दिन खराब रहता है इसलिए लिफ्ट की भी व्यवस्था की जाए। इस पर सिंधिया ने डीआरएम से कहा कि हर प्लेटफार्म पर लिफ्ट की भी व्यवस्था रहे,ऐसी व्यवस्था करें।
केन्द्रीय मंत्री ने स्टेशन के विकास कार्यो का विस्तृत ब्यौरा शेयर किया। उन्होंने कहा है कि स्टेशन का निर्माण ग्वालियर की ऐतिहासिक वास्तुकला को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। जिसमें आधुनिक सुविधाओं का भी समावेश होगा। उन्होंने अधिकारियों को 8 महत्वपूर्ण सुझाव दिये। ज्योतिरादित्य ने उम्मीद जताई कि जैसे भोपाल कर रानी कमलापति स्टेशन शहर का आकर्षण बन गया है। वैसे ही ग्वालियर रेलवे स्टेशन भी आधुनिकता और इतिहास के बेहतरीन संगम के रूप में विकसित होगा।
फुट ओवर ब्रिज पर चर्चा, चौड़ाई पर उठाए सवाल
निरीक्षण से पहले केन्द्रीय मंत्री ने प्रोजेक्ट की प्रगति पर प्रेजेंटेशन देखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान खुद उनकी पहल पर स्टेशन का डिजाइन रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर तैयार कराया गया था। निरीक्षण के दौरान फुटओवर ब्रिज पर पहुंचे। यहां सीढिय़ों की चौड़ाई के सवाल पर डीआरएम ने कहा कॉनकोर्स तैयार होने के बाद इस एफओबी का इस्तेमाल सीमित रहेगा।
यात्रियों के लिए कॉनकोर्स दिसंबर तक करें पूरा
सिंधिया ने निर्देश दिए कि दिसंबर 2025 तक कॉनकोर्स (सैकड़ों यात्री एक साथ बैठ सकेंगे) पूरी तरह से यात्रियों के लिए तैयार हो जाए, जबकि मार्च 2026 तक कॉनकोर्स की छत का काम भी पूर्ण कर लिया जाए। ऐतिहासिक भवन की सुंदरता बनाए रखने के लिए फसाड ट्रीटमेंट कराया जाए।
केन्द्रीय मंत्री ने दिए सुझाव
एफओबी की सीढिय़ां चौड़ाई बढ़ाने की संभावना देखी जाए।
ऐतिहासिक इमारत में झरोखेनुमा रोशनी-वेंटिलेशन की व्यवस्था हो।
प्लेटफार्मों पर हेरिटेज लैंप लगाएं।
सर्कुलेटिंग एरिया में फर्श और लैंडस्केपिंग में ग्वालियर स्टोन व हरियाली का प्रयोग किया जाए।
नैरोगेज कोच का संरक्षण कर उन्हें लॉन में प्रदर्शित किया जाए।
सर्कुलेटिंग एरिया में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को सुधार जाए।

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