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MP में विधायकों और सांसदों के बेटे-बेटियों को टीम हेमंत में नहीं मिलेगी जगह

भोपाल. अपने बेटे-बेटियों को संगठन में एडजस्ट कराने की कोशिश कर रहे बीजेपी के विधायक, सांसद और एक्टिव पॉलिटिक्स में पदों पर बैठे नेताओं को अब निराशा हाथ लगने वाली है। बीजेपी की जिला कार्यकारिणी से लेकर प्रदेश कार्यकारिणी तक ‘एक परिवार-एक पद’ का फॉर्मूला तय हो गया है। जो नेता सक्रिय राजनीति में पदों पर हैं, उनके बेटे-बेटियों और परिजन को कार्यकारिणी में शामिल नहीं किया जाएगा। बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष के भोपाल दौरे के दौरान ही इस फॉर्मूले पर अमल शुरू हो गया है।
इन नेताओं के परिजन को मिल सकता है संगठन में मौका
पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार सक्रिय राजनीति छोड़ चुके हैं। ऐसे में उनके बेटे मुदित शेजवार को संगठन में शामिल करने पर विचार हो सकता है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा का निधन हो चुका है। ऐसे में उनके बेटे तुष्मुल कार्यकारिणी में शामिल हो सकते हैं। पूर्व मंत्री माया सिंह के बेटे पीतांबर प्रताप सिंह को भी मौका मिल सकता है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के बेटे मंदार महाजन को बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी में मौका मिल सकता है। लोकसभा अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने के बाद सुमित्रा महाजन राजनीति में सक्रिय नहीं हैं। ऐसे में मंदार को मौका मिल सकता है।

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