ईरान के मिडिल ईस्ट में 8 पुलों उड़ाने की धमकी, जारी की सूची, इजरायल-अमेरिका ने 3800 करोड़ रूपये का ईरानी पुल तबाह

तेल अवीव. ईरान ने मिडिल ईस्ट के 8 बड़े पुलों की सूची जारी कर उन्हें तबाह करने की चेतावनी दी है। ईरान इन पुलों को रणनीतिक तौर पर अहम मानता है। क्योकि यह कई देशों की कनेक्टिविटी और ट्रांसपोर्ट के लिये बेहद आवश्यक है। ईरान की सूची में कुवैत, यूएई, अरब और जॉर्डन के कई अहम पुल शामिल है। इनमे शेख जाबेर अल-अहमद समु्रदी पुल (कुवैत), शेख जायद ब्रिज, अल मकता ब्रिज, शेख खलीफा ब्रिज यूएई, किंग फहद कॉजबे, (सऊदी अरब-बहरीन) और जॉर्डन के किंग हुसैन, डामिया और अबदून ब्रिज शामिल है। ़
इससे पहले गुरूवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के करज शहर में बी41 ब्रिज पर 2 बार अटैक किया था। इस हमलें में 2 लोगों की मौत हो गयी। पुल पूरी तरह से तबाह हो गया गया। यह पुल इसी वर्ष शुरू हुआ था। इसे मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जात था। लगभग 10.50 मीटर लम्बे और 136 मीटर ऊंचे इस पुल को बनाने में 400 मिलियन डॉलर (3,800) करोड़ रूपये खर्च हुए थे।
हम अकेले जिसने होर्मुज में नाविक खोए-भारत
ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए गुरुवार को एक ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए। बैठक में विक्रम मिसरी ने कहा कि होर्मुज संकट में अब तक सिर्फ भारत के ही नागरिक मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं, ये सभी विदेशी जहाजों पर काम कर रहे थे।

